आईटीआई में छात्राओं के लिए बढ़ेगी सुविधाएं, सभी सरकारी संस्थानों में लगेंगे सोलर पैनल

बिहार में तकनीकी प्रशिक्षण को अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

बिहार में तकनीकी प्रशिक्षण को अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विभाग के प्रशिक्षण पक्ष की मंगलवार को मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में हुई समीक्षात्मक बैठक में सरकारी आईटीआई की आधारभूत संरचना मजबूत करने, महिला प्रशिक्षुओं की सुविधाएं बढ़ाने, ऊर्जा खर्च कम करने और युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने को लेकर कई प्रस्तावों पर सहमति बनी।

जिन जिलों के महिला आईटीआई में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पीपीपी मोड में छात्रावास निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से तकनीकी प्रशिक्षण लेने आने वाली छात्राओं को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। महिला आईटीआई में स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने का भी निर्देश दिया गया है। राज्य के सभी सरकारी आईटीआई में सोलर पैनल लगाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इसका उद्देश्य संस्थानों में बिजली की निर्भरता और ऊर्जा खर्च को कम करना है। सौर ऊर्जा के उपयोग से आईटीआई परिसरों में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ लंबे समय में संस्थानों के संचालन खर्च को भी कम किया जा सकेगा।

जिन सरकारी आईटीआई के पास वर्तमान में अपना भवन नहीं है, उनके लिए आम लोगों से भूमि दान लेने के उद्देश्य से विज्ञापन जारी करने पर सहमति बनी। खास बात यह है कि भूमि दान करने वाले व्यक्ति को अपने पूर्वजों के नाम पर संबंधित आईटीआई का नामकरण कराने का अवसर देने का प्रस्ताव है। इससे सरकारी तकनीकी संस्थानों के लिए स्थानीय स्तर पर भूमि उपलब्ध कराने में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। बैठक में जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति बनी। इसके लिए संबंधित स्तर से अधियाचना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय के माध्यम से राज्य में कौशल आधारित उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सभी नोडल आईटीआई में नेशनल एप्रेंटिशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएएस) को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। साथ ही आईटीआई के पूर्व छात्रों को संस्थानों से जोड़ने के लिए एल्युमिनाई एसोसिएशन गठित करने का निर्णय लिया गया। इससे पूर्व छात्रों के अनुभव, संपर्क और विशेषज्ञता का लाभ वर्तमान प्रशिक्षुओं को मिल सकेगा।

बैठक में विभागीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए। निष्क्रिय सहायक लेखा पदाधिकारी के पद को समाप्त करने, सरकारी आईटीआई में आवश्यकता के अनुसार अनुसेवक और सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने, निजी आईटीआई की निगरानी के लिए धावा दल गठित करने तथा विश्वकर्मा योजना के विस्तार के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर, निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण रंजीत कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।