बिहार पुलिस के द्वारा अपराध पर लगाम कसने के लिए ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस अपराधियों का एनकाउंटर करने से भी पीछे नहीं हट रही है। सोमवार को बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। जिसमें बताया गया कि पिछले चार महीने में बिहार पुलिस के द्वारा कितनी कार्रवाई की गई।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1 जनवरी 2026 से 22 अप्रैल 2026 तक बिहार पुलिस के द्वारा किए गए कार्रवाई की जानकारी दी। बिहार एसटीएफ के DIG संजय कुमार सिंह और नीरज कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 22 अप्रैल 2026 के बीच अपराधियों और नक्सलियों के खिलाफ कई अहम कार्रवाई की गई हैं। जिनसे आपराधिक नेटवर्क पर असर पड़ा है।
बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से बताया गया कि 01 जनवरी 2026 से 22 अप्रैल 2026 तक पुलिस ने कुल 10 मुठभेड़ (एनकाउंटर) किए, जिसमें 3 अपराधी को पुलिस ने मार गिराया, जबकि 7 घायल हुए। पुलिस के द्वारा दावा किया गया कि इन अभियानों के जरिए कई कुख्यात अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर किया गया है। जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।
बिहार एसटीएफ के DIG संजय कुमार सिंह ने दावा किया कि बिहार में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो गया है। जमुई, लखीसराय, गया और औरंगाबाद में नक्सलियों पर नजर है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच STF ने हत्या, लूट और डकैती जैसे 38 संगीन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए अपराध पर नियंत्रण स्थापित किया है। पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए STF ने 1407 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। इसमें 1145 कर्मियों को STF प्रशिक्षण शाखा और 262 को अन्य इकाइयों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया, जिससे तकनीकी और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार हुआ है।
STF ने दावा किया कि बिहार में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो गया है। जमुई, लखीसराय, गया और औरंगाबाद में नक्सलियों पर नजर है। एक नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है। उसने लूटा गया ऑटोमेटिक हथियार भी सौंपा, सरकार की ओर से 13 लाख की सहायता राशि दी गई। 1 जनवरी से STF का बड़ा अभियान जारी है। AK-47, इंसास पिस्टल और 1600 गोलियां बरामद हुई है।