राजधानी के चर्चित बंटी यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार बंटी यादव की हत्या के पीछे अवैध शराब के धंधे में हिस्सेदारी थी। पुलिस के अनुसार बंटी इस काली कमाई में अवैध हिस्से की लगातार मांग कर रहा था। इस मामले में अबतक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। यह जानकारी सिटी एसपी सेंट्रल ममता कल्याणी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
सिटी एसपी सेंट्रल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तरफ से चार विशेष समिति का गठन किया गया था। जिसका नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी लॉ एंड ऑर्डर वन कर रहे थे। इसके अलावा छापेमारी के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई थी। पुलिस के अनुसंधान में सीसीटीवी फुटेज की जांच और तकनीकी विश्लेषण शामिल था। उन्होंने बताया कि बीते सात जुलाई को पुलिस ने जांच के दौरान रवि कुमार, बजरंगी कुमार और रोहित कुमार को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में लिया। जबकि 11 जुलाई को राजधानी के अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलेलपुर फोर लेन के नीचे बंटी यादव का शव बरामद किया गया। बंटी का शव खेत में मिट्टी के नीचे दबा हुआ था। आगे की जांच में पुलिस ने अजीत कुमार साहनी और रोशन कुमार को गिरफ्तार किया। इन दोनों ने भी इस पूरी घटना में अपनी सहभागिता को स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के द्वारा यह जानकारी दी गई कि रवीश कुमार उर्फ बीसी का संबंध मोनी किन्नर से था। यह दोनों शराब का अवैध धंधा करते थे। ये दोनों ही उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए अवैध शराब को लाकर उसकी बिक्री करते थे। इसी कारोबार में हिस्सेदारी की मांग को लेकर के बंटी यादव और रवीश कुमार के बीच हमेशा विवाद होता था। पुलिस के द्वारा यह जानकारी दी गई कि शंकर कुमार, रोशन कुमार, रोहित कुमार, सोनू, सूरज, बजरंगी, रवि कुमार और मोनी किन्नर ने मिलकर के बंटी यादव के अपहरण की साजिश रची और अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। हालांकि इस मामले में फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बता दे कि राजधानी के जक्कनपुर थाना क्षेत्र की निवासी किरण देवी ने थाने में आवेदन दिया था कि छह जुलाई की रात उनका बेटा बंटी यादव पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी से दही लेने गया था। जहां पर रवि कुमार, रवीश कुमार उर्फ बीसी, रोहित कुमार और 6- 7 अन्य लोगों ने पहले उसके साथ मारपीट की और उसके बाद उसका अपहरण कर लिया। वहीं इसी मामले में चार पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में लापरवाही के कारण मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया था।
इस मामले ने राजनीतिक एंगल भी ले लिया था। पीडित के मिलने के परिवार से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मुलाकात की थी। इसके अलावा क्षेत्र के लोगों ने भी पुलिस के प्रति अपने आक्रोश को जताया था। बहरहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस द्वारा जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। अब पुलिस मुख्य आरोपी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
पटना से राजन की रिपोर्ट