बिहार टेंडर घोटाला में SVU का बड़ा एक्शन, रिशु श्री का सहयोगी डायरेक्टर संतोष गिरफ्तार, रडार पर कई IAS अधिकारी

बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। टेंडर माफिया रिशुश्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 05, 2026, 2:51:00 PM

बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। टेंडर माफिया रिशुश्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। संतोष कुमार को पटना से गिरफ्तार किया गया है। वह रिशुश्री की कंपनी मातोश्वरी का निदेशक बताया जाता है और मामले में दर्ज प्राथमिकी में प्राथमिक अभियुक्त भी है। इस कंपनी में रिशु श्री की पत्नी ऋतांभरा कुमारी भी डायरेक्टर हैं।  

 जांच एजेंसियों को शक है कि कंपनी के जरिए कई वित्तीय और ठेके से जुड़े लेन-देन को अंजाम दिया गया।  संतोष कुमार की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं।  घोटाला केस में एसयूपी की टीम लगातार एक्शन मोड में है। जांच एजेंसियों के अनुसार रिशुश्री ने मातोश्वरी, रिलायबल इंफ्रा समेत कई कंपनियों का गठन कर सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी का नेटवर्क खड़ा किया था। बताया जा रहा है कि रिलायबल कंपनी भी संतोष कुमार के नाम पर चलता था। इस कंपनी में रिशुश्री की पत्नी ऋतंभरा भी डायरेक्टर हैं। आरोप है कि इन्हीं कंपनियों के जरिए टेंडरों में गड़बड़ी की जाती थी और पूरे नेटवर्क का संचालन सुपौल से किया जाता था।

वहीं ईडी की जांच में रिशु श्री से जुड़े मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों से कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया जा रहा है। रिशु श्री के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा से ED को कई महत्वपूर्ण और पुख्ता सुराग मिले हैं। टेंडर घोटाले का मास्टरमाइंड रिशु श्री एक सीनियर आईएएस अधिकारी के संपर्क में था। वह उन्हें 'IAS भैया' बुलाता था। रिशु के मोबाइल से इसके कई पुख्ता सुराग मिले हैं। वह करोड़ों के टेंडर मैनेज करने के लिए इस रसूख का इस्तेमाल करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी रसूख और करीबी रिश्ते का हवाला देकर वह सरकारी विभागों और ठेकेदारों के बीच अपना सिक्का जमाता था और उन पर दबाव बनाता था।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में टेंडर घोटाले के मास्टरमाइंड रिशुश्री और कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बीच कथित संबंधों के संकेत मिले हैं। मामले में पहले ही आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा को निलंबित किया जा चुका है, जबकि कई अन्य अधिकारी भी विभिन्न जांच एजेंसियों की रडार पर हैं। वहीं टेंडर घोटाले का मास्टरमाइंड रिशु श्री एक सीनियर आईएएस अधिकारी के संपर्क में था। वह उन्हें 'IAS भैया' बुलाता था। 

बताते चलें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि रिशु श्री कथित तौर पर अपनी पसंद के अधिकारियों की तैनाती कराने में प्रभाव रखता था। रिपोर्ट के मुताबिक वह सरकारी टेंडरों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पहले ही हासिल कर लेता था और फिर अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करता था। ईडी की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि रिशु श्री ने अवैध तरीके से 265.73 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला केस में एसयूपी की टीम लगातार एक्शन मोड में है। जांच में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से कथित संबंध और भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं।