वैशाली जिले में ईंधन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। शनिवार को जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने खुद उदाहरण पेश करते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और अपने आवास से पैदल चलकर समाहरणालय पहुंचीं। लगभग दो किलोमीटर की इस पैदल यात्रा ने प्रशासनिक महकमे के साथ आम लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया।
डीएम की इस पहल का असर अन्य अधिकारियों पर भी दिखाई दिया। कई प्रशासनिक पदाधिकारियों ने निजी गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं किया और पैदल ही कार्यालय पहुंचे। शहर की सड़कों पर अधिकारियों को इस तरह चलते देख लोगों में चर्चा शुरू हो गई। नागरिकों ने इसे सकारात्मक संदेश बताते हुए कहा कि ऐसी कोशिशें लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित कर सकती हैं।
जिला प्रशासन ने इस अभियान को नियमित स्वरूप देने का निर्णय लिया है। अब हर शनिवार को जिले में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें तथा छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करें।
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को देखते हुए समाज को व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, छोटी-छोटी पहलें भी बड़े स्तर पर असर डाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
इस अभियान में सदर एसडीओ रामबाबू बैठा और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार समेत कई अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से आम लोगों के बीच भी जागरूकता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक सोच विकसित होगी।