बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में एक पत्रकार के घर हुई छापेमारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाजीपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लिखने वाले पत्रकार मनीष कुमार सिंह के घर देर रात पांच गाड़ियों से पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची। ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। जिसके बाद प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
देर रात उत्पाद विभाग और नगर थाना पुलिस ने एक स्थानीय समाचार पत्र के संपादक मनीष कुमार सिंह के राजेंद्र चौक स्थित किराए के मकान पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि देर रात करीब 10 बजे, जब पत्रकार का पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा था, तभी अचानक पांच गाड़ियों में उत्पाद विभाग के कर्मी और भारी पुलिस बल उसके घर पहुंची। पुलिस टीम ने नगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र चौक स्थित उनके किराए के मकान को घेर लिया। जांच के दौरान पत्रकार का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया, जिसमें अल्कोहल की मात्रा शून्य पाई गई। इसके बाद पूरी कार्रवाई को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं।
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी इसको लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल ने एक्स पर लिखा है-CM तो CM! DM साहब भी कम नहीं! सबकी अपनी अपनी तानाशाही! अपना अपना हनक! बिहार में अफसरशाही की यह पराकाष्ठा है कि वैशाली DM कार्यालय के कथित रसोइया बहाली में भ्रष्टाचार की खबर उजागर करने वाले पत्रकार के घर अचानक पहुंची मद्यनिषेध पुलिस बल! शराब सेवन का आरोप लगाकर करना चाहती थी गिरफ्तार! लेकिन पत्रकार शराब नही पीता था!
राष्ट्रीय जनता दल ने आगे लिखा है-आप आम नागरिक हैं, आपका काम केवल वोट देना है और अपने छोटे-मोटे योगदान से बिहार के अफसर और BJP JDU के सत्तारूढ़ नेताओं को अपने-अपने भ्रष्टाचार के द्वारा अमीर बनाना है, उनका भ्रष्टाचार और अहंकार सहते जाना है!सवाल करोगे तो आपको दबाया जाएगा, बेवजह परेशान किया जाएगा!
वहीं जब पत्रकार की रिपोर्ट 'नील' आई तो हाईवोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला। ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर महिला अधिकारी ने सिविल ड्रेस में खड़े एक युवक की तरफ कुछ इशारा किया। महिला अधिकारी की इस हरकत को देखकर वहां मौजूद उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर भड़क गए और उन्होंने सरेआम महिला अधिकारी को फटकार लगाई। देखते ही देखते दोनों अधिकारियों के बीच नोंकझोंक भी हुई।
बता दें कि पीड़ित पत्रकार मनीष कुमार सिंह ने इस पूरी घटना का अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पत्रकार ने वैशाली जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैं पिछले काफी समय से स्थानीय प्रशासन और पुलिस के संरक्षण में चल रहे भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को लगातार अपने अखबार में उजागर कर रहा था। इसी रंजिश के कारण मुझे और मेरे परिवार को डराने-धमकाने और मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए यह झूठी छापेमारी कराई गई है।
बतातें चलें कि बीते दिन ही स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने PMCH में पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संविधान ने मीडिया को रिपोर्टिंग का अधिकार दिया है। पत्रकार अस्पतालों में जाकर रिपोर्टिंग कर सकते हैं और उन्हें खबरों के संकलन से नहीं रोका जा सकता।