सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में बसे कोसी पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ दिलाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार, बिहार सरकार, नगर विकास एवं आवास विभाग के वरीय अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के समक्ष पूर्व से ही मांग रखी जाती रही है और आगे भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
नगर परिषद कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुपौल नगर परिषद के वार्ड संख्या 1, 14, 15 एवं 16 में बड़ी संख्या में कोसी पुनर्वासित परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों की लंबे समय से मांग है कि जब उनसे नगर परिषद द्वारा होल्डिंग टैक्स लिया जा रहा है, तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिलना चाहिए।
मुख्य पार्षद ने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल पर लाभ प्राप्त करने के लिए भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज अथवा जमीन की रसीद अनिवार्य है। इसी कारण पुनर्वासित परिवार, जो वर्षों से इन क्षेत्रों में रह रहे हैं, योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर विशेष नीति बनाकर पुनर्वासित परिवारों को राहत देनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि होल्डिंग टैक्स और प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता दो अलग-अलग विषय हैं। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2013 के तहत नगर परिषद क्षेत्र में आने वाले भवनों एवं होल्डिंग पर निर्धारित नियमों के अनुसार कर लगाया जाता है। यह कर सड़क, नाला, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल सहित अन्य नागरिक सुविधाओं के संचालन एवं विकास के लिए लिया जाता है। होल्डिंग टैक्स किसी व्यक्ति के भूमि स्वामित्व का प्रमाण नहीं है और न ही यह प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता तय करता है।
राघवेंद्र झा ने कहा कि होल्डिंग टैक्स उनके कार्यकाल में पहली बार नहीं लगाया गया है, बल्कि नगर परिषद के पूर्ववर्ती सभी बोर्डों के समय से ही यह सरकार के नियमों के अनुसार वसूला जाता रहा है। इसी राजस्व और सरकारी सहायता के आधार पर नगर परिषद विकास कार्यों को गति देती है। उन्होंने कहा कि सैनिक छावनी जैसे विशेष क्षेत्रों को छोड़कर सरकारी कार्यालयों, सरकारी आवासों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं निजी भवनों से भी होल्डिंग टैक्स लिया जाता है।
उन्होंने विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए बताया कि नए नगर परिषद बोर्ड के गठन के बाद से अब तक वार्ड 1, 14, 15 एवं 16 में लगभग 7 करोड़ 29 लाख रुपये की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है तथा नई योजनाओं पर कार्य जारी है।
मुख्य पार्षद ने कहा कि पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग पूरी तरह जनहित और सामाजिक न्याय से जुड़ी हुई है। इसलिए इस विषय को राजनीतिक रंग देने के बजाय सभी जनप्रतिनिधियों, सरकार और संबंधित विभागों को मिलकर इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि वर्षों से बसे पुनर्वासित परिवार भी सम्मानजनक आवास के अधिकार से वंचित न रहें।
सुपौल से कुणाल कुमार की रिपोर्ट