राज्य के सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमराही वार्ड संख्या-4 स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीरों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा दोनों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुट गई। सुबह सुबह ही मचे बवाल के कारण पूरे इलाके में अफरा तफरी मची रही।
मिली जानकारी के अनुसार मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला की पहचान मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र निवासी गुड्डी देवी के रूप में हुई है। महिला ने आरोप लगाया कि करीब 10 वर्ष पहले मोतीपुर निवासी अमरेंद्र ठाकुर ने दिल्ली-गुरुग्राम में उससे प्रेम विवाह किया था। इस विवाह से दोनों का एक 12 वर्षीय पुत्र भी है। महिला का कहना है कि उसके पति ने बाद में दूसरी शादी कर ली और उसे छोड़ दिया। गुड्डी देवी का आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर वह कई बार स्थानीय थाना और पुलिस अधिकारियों के पास गई, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार उपेक्षा से परेशान होकर उसने अपने बेटे के साथ टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
टावर पर मौजूद महिला ने साफ कहा कि जब तक जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर नहीं पहुंचेंगे तथा उसे न्याय का भरोसा नहीं देंगे, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। महिला की इस जिद के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई और पुलिसकर्मी लगातार उसे समझाने का प्रयास करते रहे। सुबह सुबह ही घटी घटना के कारण आसपास के इलाके के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने टावर के आसपास लोगों को दूर रहने की अपील की। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन महिला और उसके बेटे को सुरक्षित नीचे उतारने तथा पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के प्रयास में जुटा हुआ था।
सुपौल से कुणाल कुमार की रिपोर्ट