सीवान की दो बहनों ने रचा इतिहास, CISF में अधिकारी बन बढ़ाया जिले का मान, गृह मंत्रालय में बड़ी जिम्मेदारी

सीवान जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गौरवान्वित कर दिया है। दरौंदा प्रखंड की दो सगी बहनों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF में अधिकारी बनकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 27, 2026, 2:13:00 PM

सीवान जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गौरवान्वित कर दिया है। दरौंदा प्रखंड की दो सगी बहनों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF में अधिकारी बनकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता पर गांव में जश्न का माहौल है और लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं।

सीवान जिले के दरौंदा प्रखंड के पिनर्थु खुर्द पंचायत अंतर्गत इंदरपुर गांव निवासी हरेराम यादव की पुत्रियां वर्षा यादव और शिवानी यादव ने कठिन परिश्रम, लगन और अटूट आत्मविश्वास के दम पर CISF की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

सफल प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब दोनों बहनें अपने गांव पहुंचीं, तो ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला।

दोनों बहनों को देश की महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वर्षा यादव की तैनाती दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था में की गई है, जबकि शिवानी यादव को गृह मंत्रालय की सुरक्षा से जुड़ी अहम जिम्मेदारी मिली है।

वर्षा यादव ने बताया कि दोनों बहनें हमेशा साथ बैठकर पढ़ाई और तैयारी करती थीं। कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के बल पर आज दोनों ने यह मुकाम हासिल किया है।

दोनों बहनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और दादा-दादी को देते हुए कहा कि परिवार ने हर कठिन समय में उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज उसी संघर्ष और समर्थन का परिणाम है कि वे देश की सुरक्षा सेवा का हिस्सा बनी हैं।

सीवान की इन दो बेटियों की सफलता आज पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा है। यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।

सिवान से नागेंद्र कुमार की रिपोर्ट