प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप

सासाराम। जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल के मातृ-शिशु विभाग में बीती रात प्रसव के दौरान एक महिला की मौत का लापरवाही भरा मामला सामने आया है।

सासाराम। जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल के मातृ-शिशु विभाग में बीती रात प्रसव के दौरान एक महिला की मौत का लापरवाही भरा मामला सामने आया है। मृतका की पहचान करगहर थाना क्षेत्र के कुसहीं गांव निवासी नितेश कुमार की पत्नी आशा देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही और संवेदनहीनता का गंभीर आरोप लगाया है।

डॉक्टर नदारद, नर्सों के भरोसे मरीज

परिजनों ने अनुसार बीती रात लगभग 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर आशा देवी को सदर अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर डॉक्टर उपस्थित नहीं थे और उन्होंने फोन पर हीं नर्सों को इलाज का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति बिगड़ने के बावजूद भी नर्सों द्वारा न तो डॉक्टर को बुलाया गया और न हीं समय रहते अन्य अस्पताल रेफर किया गया।

लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप

परिजनों का यह भी आरोप है कि प्रसव कराने के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने जबरन पेट पर दबाव बनाया और मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि ऐसा करने पर जब नर्सों को मना किया गया तो उन्हें कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। मरीज को कई इंजेक्शन दिए गए, जिसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।

अस्पताल गेट पर प्रदर्शन

घटना के बाद अस्पताल गेट पर परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मृतका के परिजन भोला पासवान सहित अन्य लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग करने लगे। हालांकि हंगामे की सूचना मिलते हीं स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया।

सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट