सिविल सर्जन पर कर्मी को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप, डॉक्टर ने आरोपों को बताया निराधार

सहरसा जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला सहरसा सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़ा है, जहां सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद पर एक कर्मी के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

सहरसा : सहरसा जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला सहरसा सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़ा है, जहां सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद पर एक कर्मी के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, सिविल सर्जन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। 

मामले में आरोप लगाने वाले समीर कुमार गुप्ता उर्मिला प्राइवेट लिमिटेड में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं

मामले में आरोप लगाने वाले समीर कुमार गुप्ता उर्मिला प्राइवेट लिमिटेड में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं। समीर कुमार गुप्ता के अनुसार, वह अक्टूबर महीने के डाटा एंट्री ऑपरेटरों की उपस्थिति से संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कराने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान सिविल सर्जन ने उनसे संबंधित उपस्थिति रजिस्टर की मांग की। समीर का आरोप है कि रजिस्टर की मांग को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। 

बातचीत के दौरान सिविल सर्जन नाराज हो गए और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कहा

उनका कहना है कि बातचीत के दौरान सिविल सर्जन नाराज हो गए और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कहा। आरोप के मुताबिक, इसी दौरान सिविल सर्जन अपनी कुर्सी से उठे और उपस्थिति रजिस्टर वापस मांगने के क्रम में उन्हें थप्पड़ मार दिया। समीर कुमार गुप्ता ने मीडिया के सामने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले में उनके द्वारा किसी थाने या संबंधित विभागीय अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने को लेकर विचार किया जा रहा है।

सिविल सर्जन ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि समीर कुमार गुप्ता को केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था और उनसे संबंधित फाइल मांगी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से किसी प्रकार की धक्का-मुक्की, मारपीट या थप्पड़ मारने की कोई घटना नहीं हुई है।

इस मामले में दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं

फिलहाल, इस मामले में दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं। एक ओर समीर कुमार गुप्ता सिविल सर्जन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। अब देखना होगा कि इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज होती है या नहीं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई जांच या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट