पटना एम्स में वजन घटाने की सर्जरी की सुविधा बहाल, 110 किलो की महिला की सफल ऑपरेशन से हुई शुरुआत

बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। All India Institute of Medical Sciences, Patna (एम्स पटना) में अब बैरियाट्रिक यानी वजन घटाने की सर्जरी की सुविधा फिर से बहाल हो गई है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 22, 2026, 9:39:00 AM

बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। All India Institute of Medical Sciences, Patna (एम्स पटना) में अब बैरियाट्रिक यानी वजन घटाने की सर्जरी की सुविधा फिर से बहाल हो गई है। इस कड़ी में संस्थान में पहली सफल बैरियाट्रिक सर्जरी 24 वर्षीय महिला की की गई, जिसका वजन 110 किलो से अधिक और बॉडी मास इंडेक्स 42 से ऊपर था। वह लंबे समय से पीसीओडी, हार्मोनल असंतुलन और बांझपन जैसी समस्याओं से जूझ रही थी।

डॉक्टरों के अनुसार, सर्जरी के बाद उसके वजन में धीरे-धीरे कमी आएगी, जिससे हार्मोन संतुलन बेहतर होगा और भविष्य में मातृत्व की संभावना भी बढ़ेगी। यह जटिल सर्जरी डॉ. उत्पल आनंद, डॉ. बसंत और डॉ. कुणाल की टीम ने डॉ. निरुपम सिन्हा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरी की। विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश भदानी ने इसे संस्थान की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम को बधाई दी।

पटना के सरकारी अस्पतालों में Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (आईजीआईएमएस) में भी पहले से बैरियाट्रिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन एम्स पटना में इसकी शुरुआत से मरीजों को एक और बड़ा विकल्प मिल गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मोटापा कई जानलेवा बीमारियों की जड़ बन सकता है। इसके कारण टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर, जोड़ों का दर्द, सांस की तकलीफ, स्लीप एपनिया और अवसाद जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। बैरियाट्रिक सर्जरी को मोटापे के इलाज की प्रमाणित और प्रभावी पद्धति माना जाता है। इससे ब्लड शुगर और रक्तचाप नियंत्रण में सुधार होता है तथा कई मामलों में दवाओं पर निर्भरता भी कम हो जाती है। महिलाओं में पीसीओडी और प्रजनन संबंधी समस्याओं में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता