राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व न्यायालयों को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के लिए विभाग लगातार तकनीक का उपयोग बढ़ा रहा है। वर्चुअल सुनवाई की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुजफ्फरपुर और मुंगेर में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। इससे आम लोगों और अधिवक्ताओं को न्यायालय आने-जाने की परेशानी कम होगी तथा राजस्व मामलों की सुनवाई और आदेश की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। बिहार राजस्व न्यायालयों की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने वाला देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दरअसल बिहार में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। ज्ञात हो कि अभी राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जा रहीं सभी सेवाएं ऑनलाइन हैं। इसी क्रम में राजस्व न्यायालयों की पूरी प्रणाली भी पहले से ही ऑनलाइन माध्यम से लोगों के लिए उपलब्ध हैं। केवल सुनवाई के लिए लोगों को भौतिक रूप से उपस्थित होना पड़ता था, जिसके लिए उन्हें अंचल, अनुमंडल या जिला स्तर तक आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। विभाग ने अब इस समस्या का भी समाधान करते हुए वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है ताकि प्रतिवादी अपने घर से भी राजस्व न्यायालयों की वर्चुअल सुनवाई में भाग ले सकें। इस आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से वादी और उनके अधिवक्ता कहीं से भी सम्बंधित न्यायालय की सुनवाई में उपस्थित हो सकेंगे। इसकी प्रायोगिक शुरुआत मुजफ्फरपुर और मुंगेर जिलों में की जा चुकी है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्व न्यायालयों की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और सुविधाजनक बनाना है। बिहारभूमि पोर्टल पर आरसीएमएस की सुविधा पहले से उपलब्ध है। अब वर्चुअल सुनवाई की शुरुआत के साथ राजस्व न्यायालयों को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुजफ्फरपुर और मुंगेर में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है तथा इसे तकनीकी एवं प्रक्रियागत रूप से लगातार सुधारा जा रहा है। सचिव ने कहा कि वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी स्तर के संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। विभाग इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू करने की दिशा में काम कर रहा है।
सचिव ने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल को लगातार और अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। शीघ्र ही पूरे राज्य में पोर्टल के माध्यम से वर्चुअल सुनवाई के साथ-साथ केस ऑर्डर डाउनलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल पर आवश्यक तकनीकी एवं प्रक्रियागत सुधार लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राजस्व न्यायालय में किसी मामले के पंजीकरण से लेकर सुनवाई, आदेश पारित करने और केस ऑर्डर उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित हो। इससे आम नागरिकों और अधिवक्ताओं को न्यायालय तक बार-बार आने की आवश्यकता कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनेगी। दोनों जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के पूरा होने पर वर्चुअल सुविधा राज्य के सभी 38 जिलों में उपलब्ध होगी। इस सुविधा के साथ बिहार इस मामले में देश का पहला राज्य होगा जहां ये अति आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी।