राज्य में मौसम की तरफ सबकी निगाहें टिकी हुई है। हालांकि कुछ एक जिलों में बारिश होने के कारण थोड़ा सा बदलाव हुआ है लेकिन ज्यादातर जिलों में अभी भी उमस वाली गर्मी का प्रकोप जारी है। जिससे आम जन जीवन का जीना मुहाल हो रहा है। हालांकि राज्य के कई जिलों में बादलों ने अब अपनी उपस्थिति को दर्ज करना शुरू कर दिया है, जिसके कारण मौसम में थोड़ा सा बदलाव देखने को मिला है। हालांकि मानसून अभी भी पूरी तरीके से एक्टिव नहीं हुआ है लेकिन ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि अगले तीन से चार दिन के अंदर पूरे राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और बारिश हो सकती है।
मौसमविदों की माने तो राज्य में मानसून का टर्फ लाइन अभी मोतिहारी के पास से गुजर रहा है। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि आगामी 28 और 29 जून को राज्य की कई जगहों पर बारिश हो सकती है। हालांकि शुक्रवार को अधिकतम के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन उमस के कारण लोग बेचैन महसूस कर रहे हैं। राज्य में पिछले 24 घंटे के तापमान के बारे में जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार राजधानी समिति 22 जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
राज्य के मौसम में दो तरह के बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। इनमें उत्तर बिहार में जहां पूर्वा हवा चल रही है, वहीं दक्षिण बिहार में कई जगह पर पछुआ हवा का प्रभाव देखने को मिला है। सबसे अलग स्थिति राजधानी की है। यहां एक तरफ जहां पूरवा हवा देखने को मिल रही है वहीं दूसरी तरफ पहुवा भी चल रही है। ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि आगामी 30 जून तक पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना 30% ही है लेकिन इसके बाद मौसम मानसून अपनी रफ्तार पकड सकता है। आगामी दो जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी गतिविधियों के जोर पकड़ने की संभावना है। प्रदेश के मौसम में अभी 70% के क्रम औसत नमी रिकॉर्ड की गई है।