नीट छात्रा के पटना जंक्शन से हॉस्टल और वहां से अस्पताल जाने तक का फुटेज एसआईटी को मिला

नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में एसआईटी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 24, 2026, 10:32:00 AM

नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में एसआईटी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एसआईटी ने पटना जंक्शन से लेकर मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल और वहां से अस्पताल तक के करीब 100 जीबी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल लिया है। इसके अलावा जहानाबाद से पटना तक छात्रा का इलाज करने वाले डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, हॉस्टल की वार्डन और परिजनों के करीब 105 जीबी बयान भी रिकॉर्ड किए जा चुके हैं।

एसआईटी की शुरुआती जांच में अब तक पटना में छात्रा के साथ दुष्कर्म का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। हालांकि छात्रा के परिजनों का लगातार यह दावा रहा है कि दुष्कर्म की घटना हॉस्टल के अंदर ही हुई। इस दावे के बाद जांच एजेंसियों ने हॉस्टल को केंद्र में रखकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के बाद पुलिस ने साक्ष्य मिटाने की आशंका के चलते हॉस्टल के मकान मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की एफएसएल रिपोर्ट 27 जनवरी को आने की संभावना है, जिसे जांच में अहम माना जा रहा है। वहीं, एम्स के डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर जल्द ही अपना ओपिनियन सौंप सकती है।

एसआईटी पटना से लेकर जहानाबाद तक पूरे मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। जहां भी जांच एजेंसी को किसी एंगल पर और साक्ष्य की जरूरत महसूस हो रही है, वहां दोबारा पड़ताल की जा रही है। जहानाबाद में छात्रा के परिजनों से भी विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है। अब सभी की नजरें एफएसएल रिपोर्ट और एम्स की राय पर टिकी हैं, जिससे इस मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।