राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना अन्तर्गत संचालित केंद्रीयकृत रसोई घर की जांच होगी। शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर बरसात को देखते हुए इसकी जांच करने का आदेश दिया है।
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने पत्र के माध्यम से कहा है कि बच्चों को गर्म ताजा पका हुआ भोजन दो माध्यमों यथा विद्यालय शिक्षा समिति एंव स्वयं सेवी संस्था के केन्द्रीयकृत रसोईघर द्वारा उपलब्ध कराया जाता है ताकि बच्चों को कुपोषण मुक्त किया जा सके। बरसात के मौसम में योजना के सफल संचालन हेतु विद्यालय के रसोईघर-सह-भंडारगृह एवं केन्द्रीयकृत रसोईघर में विशेष साफ-सफाई की आवश्यकता है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके व बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण मध्याहन भोजन उपलब्ध कराया जा सके। वर्तमान में कुछ जिलों से लगातार मध्याहन भोजन की गुणवत्ता में कमी शिकायत प्राप्त हो रही है। शिक्षा विभाग के मंत्री के निर्देश के अनुसार मध्याहन भोजन की गुणवत्ता में कमी पाये जाने एवं अन्य किसी कारणवश अप्रिय घटना घटित होने पर दोषी पर अविलंब दण्डात्मक कार्रवाई (स्पष्टीकरण, मानदेय की कटौती, स्थानान्तरण, निलंबन, प्रपत्र-क, एवं चयनमुक्ति) की जाएगी।
उन्होंने कहा है कि शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, मध्याहन भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, प्रखंड साधन सेवियों द्वारा विद्यालयों के भ्रमण के दौरान विद्यालय एवं रसोईघर-सह-भंडारगृह की साफ-सफाई का विशेष अनुश्रवण किया जायेगा। मध्याह्न भोजन बनाने में उपयोग की जाने वाली खाद्य सामग्री यथा चावल, दाल, तेल, मसाला, सोयाबीन, लाल चना इत्यादि की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उपरान्त ही इसका उपयोग किया जायेगा। डिब्बा बंद खाद्य सामग्री का इस्तेमाल उपयोग के अंतिम तिथि को देखकर ही किया जाना है। खाद्य सामग्री का उचित भंडारण कराया जाय ताकि बरसात के दिनों में नमी से इसका बचाव किया जा सके।
बरसात के मौसम में मध्याहन भोजन बनाने में बैगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग एवं पत्ता गोभी का उपयोग नहीं किया जायेगा, क्योकि इन सब्जियों में बरसात के मौसम में कीटाणुओं के पनपने की संभावना ज्यादा होती है। इन सब्जियों के स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजा सब्जियों का उपयोग किया जाय। विद्यालय एवं केन्द्रीयकृत रसोईघर में तैयार मध्याह्न भोजन को रसोईयों, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक के द्वारा चखकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उपरान्त ही बच्चों के बीच भोजन परोसा जायेगा। केन्द्रीयकृत रसोईघर से विद्यालय में आपूर्ति किये जाने वाले मध्याह्न भोजन को विद्यालय के साफ-सुरक्षित बर्तन में भंडारित किया जाना है एवं किचेन शेड की स्थिति बिल्कुल साफ-सुथरी होनी चाहिए।