पटना से छत्तीसगढ़ जाने वाली सड़क होगी फोरलेन, बीजेपी विधायक की पहल पर हरकत में पथ निर्माण विभाग

बिहार से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली अहम सड़क को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पटना से छत्तीसगढ़ जाने वाली औरंगाबाद–अरवल मुख्य सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139, को फोरलेन करने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 30, 2025, 7:43:00 PM

बिहार से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली अहम सड़क को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पटना से छत्तीसगढ़ जाने वाली औरंगाबाद–अरवल मुख्य सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139, को फोरलेन करने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है। यह सड़क अंतरराज्यीय संपर्क का प्रमुख मार्ग है, लेकिन वर्तमान में इसकी चौड़ाई सिर्फ 7 मीटर है, जो बढ़ते यातायात दबाव के लिहाज से बेहद अपर्याप्त मानी जा रही है।

इसी मुद्दे को लेकर अरवल विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक मनोज शर्मा ने पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में सड़क की मौजूदा स्थिति, लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और बढ़ते ट्रैफिक का जिक्र किया गया है। विधायक ने बताया है कि एनएच-139 पर वर्तमान में पीसीयू 18 हजार से 25 हजार के बीच पहुंच चुका है, जबकि सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार 10 हजार पीसीयू होने पर सड़क को फोरलेन में बदला जाना जरूरी होता है। इसके बावजूद यह सड़क अब तक दो लेन में ही संचालित है।

बताया गया है कि इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 1800 मल्टी-एक्सल ट्रक चलते हैं, जिनमें से अधिकतर ट्रक अरवल जिले के बालू घाटों से निकलते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर लगातार दबाव बना रहता है और हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क अब सुविधा नहीं, बल्कि खतरे का कारण बनती जा रही है।

विधायक मनोज शर्मा ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि सरकार की घोषित नीति के अनुसार प्रत्येक जिला मुख्यालय को फोरलेन सड़क से जोड़ा जाना है, ताकि सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके। ऐसे में औरंगाबाद और अरवल जैसे जिलों को फोरलेन परियोजना से बाहर रखना स्थानीय जनता के हितों के खिलाफ बताया गया है। उन्होंने कहा है कि एनएच-139 को फोरलेन परियोजना में शामिल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

इस पूरे मामले पर पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने तत्काल संज्ञान लिया है। मंत्री ने विभागीय सचिव को निर्देश दिया है कि इस सड़क को लेकर तत्काल क्या कार्रवाई संभव है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। सूत्रों के अनुसार बिहार सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास दोबारा भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि एनएच-139 को फोरलेन सड़क परियोजना में शामिल कराया जा सके।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो इससे न केवल औरंगाबाद और अरवल जिले के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि पटना से छत्तीसगढ़ तक की यात्रा भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी। फिलहाल इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की नजरें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।