भीषण ठंड से राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में 30% बढ़ोतरी

भीषण ठंड ने राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर दबाव बना दिया है। लगातार गिरते तापमान के कारण हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और सीओपीडी जैसे गंभीर रोगों के मामलों में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 04, 2026, 9:29:00 AM

भीषण ठंड ने राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर दबाव बना दिया है। लगातार गिरते तापमान के कारण हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और सीओपीडी जैसे गंभीर रोगों के मामलों में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आईसीयू और एचडीयू पूरी तरह भर चुके हैं, वहीं इमरजेंसी वार्ड में भी बेड उपलब्ध नहीं हैं।

स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि कई अस्पतालों में मरीजों को बरामदे और हॉल में ट्रॉली पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। पीएमसीएच और आईजीआईसी जैसे बड़े अस्पतालों में यही हाल है। नए गंभीर मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के चलते हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में करीब 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। आईजीआईएमएस के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि बीते तीन दिनों में ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक से 15 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 मरीजों का इलाज अभी जारी है।

वहीं आईजीआईसी के डॉक्टरों ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में 120 मरीजों को भर्ती किया गया, जिनमें से 10 से अधिक की जान नहीं बचाई जा सकी। हालात को देखते हुए मरीजों को स्थिति सामान्य होने पर अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।

 ठंड और बढ़ते मरीजों की संख्या के कारण होम केयर मेडिकल उपकरणों की मांग में भी लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे बाजार में इन उपकरणों की कमी देखने को मिल रही है।

डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव करें, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें