सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड भंग

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन का फैसला लिया है। सरकार ने किन्नर कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है। इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन का फैसला लिया है। सरकार ने किन्नर कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है। इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।  इसके साथ ही बोर्ड में मनोनीत गैर-सरकारी सदस्यों की सदस्यता और मनोनयन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड गठन नियमावली, 2015 के प्रावधानों के तहत किया गया था। राज्य सरकार ने 7 अगस्त 2025 की अधिसूचना के जरिए तीन वर्षों के लिए बोर्ड का पुनर्गठन किया था।

समाज कल्याण विभाग ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Act, 2026 लाए जाने के बाद परिस्थितियों में बदलाव हुआ है। ऐसे में राज्य में रहने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के विभिन्न वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बोर्ड का दोबारा पुनर्गठन आवश्यक माना गया है।

इसी को देखते हुए सरकार ने वर्तमान में बोर्ड के मनोनीत गैर-सरकारी सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया है। अब नए सिरे से बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के गठन और सदस्यों के मनोनयन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

आपको बता दें कि सरकार ने पूरे बोर्ड को खत्म करने की घोषणा नहीं की है, बल्कि अधिसूचना में फिलहाल मनोनीत गैर-सरकारी सदस्यों की सदस्यता/मनोनयन समाप्त करने और बोर्ड के पुनर्गठन की आवश्यकता की बात कही गई है।