पटना की शैक्षणिक धड़कन आज कुछ अलग ही जोश और ऊर्जा से भर उठी, जब राजधानी के प्रतिष्ठित ए.एन. कॉलेज के ऑडिटोरियम में GOAL Institute द्वारा “NEET और JEE कैसे करें क्रैक” विषय पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत ऊर्जावान अंदाज में हुई, जिसका संचालन GOAL कंकड़बाग शाखा के प्रमुख संजीव कुमार ने किया। उनके प्रभावशाली संचालन ने पूरे माहौल को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया और श्रोताओं को शुरू से अंत तक बांधे रखा।
सेमिनार में GOAL Institute के अनुभवी शिक्षकों और अधिकारियों ने अपने ज्ञान और अनुभव साझा किए। अकादमिक हेड गौरव सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए सफलता का मूल मंत्र बताया— सही दिशा में निरंतर अभ्यास और कॉन्सेप्ट की गहराई से समझ। उन्होंने छात्रों को स्मार्ट स्टडी अपनाने, नियमित रिवीजन करने और टेस्ट के जरिए स्वयं का मूल्यांकन करने की सलाह दी।
आर एंड डी हेड आनंद वत्स ने बदलते परीक्षा पैटर्न पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एनालिटिकल सोच, ट्रिकी सवालों की समझ और समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताया। साथ ही GOAL के रिसर्च-आधारित स्टडी मटेरियल और टेस्ट सीरीज की उपयोगिता पर भी जोर दिया।
असिस्टेंट डायरेक्टर रंजय सिंह ने छात्रों और अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर छात्र में अपार क्षमता होती है, बस उसे सही मार्गदर्शन और अनुशासन की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि GOAL का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि हर छात्र को व्यक्तिगत रूप से गाइड कर उसकी सफलता सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री बिपिन सिंह का संबोधन रहा। उन्होंने बताया कि GOAL पिछले 28 वर्षों से छात्रों के सपनों को साकार करने में जुटा है। उन्होंने कहा कि AIIMS और टॉप मेडिकल कॉलेजों में चयन के लिए मेहनत के साथ सही रणनीति बेहद जरूरी है।
सेमिनार में PMCH और IGIMS के सफल छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सही समय पर सही निर्णय और निरंतर मेहनत ही सफलता का रास्ता बनाती है।
अंत में विशेषज्ञों ने NEET के अंतिम महीने की रणनीति पर जोर देते हुए रिवीजन, मॉक टेस्ट, NCERT पर फोकस और मानसिक संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
यह सेमिनार छात्रों के लिए नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा देने में पूरी तरह सफल रहा।