पटना हाईकोर्ट ने शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए गाड़ी मालिकों के हित में बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने चोरी हुई गाड़ी से एक माह दस दिन बाद बरामद हुई विदेशी शराब के मामले में गाड़ी मालिक को राहत दी और आदेश दिया कि राज्य सरकार तीन दिनों के भीतर गाड़ी को मालिक को लौटाए। साथ ही मुकदमे के खर्च के रूप में दस हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश भी दिया। इस आदेश में दोषी अधिकारियों के खिलाफ राशि की वसूली की पूरी छूट भी कोर्ट ने दी है।
इस मामले में अली अशरफ सिद्दीकी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति सौरेन्द्र पांडेय की खंडपीठ ने यह निर्णय दिया। कोर्ट ने कहा कि जब गाड़ी चोरी होने की आधिकारिक रिपोर्ट (FIR) मौजूद है और मालिक की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं है, तो गाड़ी मालिक पर कार्रवाई करना कानून के विपरीत है।
आवेदक के अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि गाड़ी 6 मई 2024 को चोरी हुई थी और इसके एक माह दस दिनों बाद शराब के साथ बरामद हुई। इसके बावजूद सीवान के जिला पंचायती राज अधिकारी ने गाड़ी नीलामी प्रक्रिया शुरू करने और दंड राशि जमा करने का आदेश जारी किया। अपीलीय अधिकारी ने भी इस आदेश को सही ठहराते हुए आवेदक की अपील खारिज कर दी। पटना हाईकोर्ट ने इन दोनों आदेशों को कानून के विपरीत करार देते हुए रद्द कर दिया और गाड़ी मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया।