ओढ़नी डैम बना वाटर स्पोर्ट्स का केंद्र: बिहार की पहली अकादमी को मिली मंजूरी, 4 डैमों के बाद हुआ चयन

बिहार के खेल क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत राज्य की पहली वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना बांका जिले के ओढ़नी डैम में की जाएगी। इसकी घोषणा बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण में आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद की।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 24, 2025, 7:35:00 PM

बिहार के खेल क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत राज्य की पहली वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना बांका जिले के ओढ़नी डैम में की जाएगी। इसकी घोषणा बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण में आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद की।

खेल मंत्री ने कहा कि बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और खेल मंत्री के साथ हुई बैठक में दोनों राज्यों के बीच खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास को लेकर आपसी सहयोग पर सहमति बनी है।

इसी कड़ी में भोपाल स्थित इंडियन केनोइंग एंड क्याकिंग एसोसिएशन ने बिहार में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के लिए उपयुक्त स्थल के चयन हेतु एक विशेषज्ञ टीम भेजी थी। इस टीम का नेतृत्व कनाडा के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मिस्टर जैक ने किया। टीम में मुख्य प्रशिक्षक प्रदीप नायडू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नमिता भी शामिल थीं।

विशेषज्ञ टीम ने तीन दिनों तक बिहार के चार प्रमुख डैमों का निरीक्षण किया, जिनमें सासाराम का दुर्गावती डैम, जमुई का गढ़ी डैम, बांका का ओढ़नी डैम और नवादा का हरदिया डैम शामिल थे। गहन अध्ययन के बाद ओढ़नी डैम को अकादमी के लिए सबसे उपयुक्त स्थल चुना गया।

खेल मंत्री ने जानकारी दी कि फरवरी माह में मिस्टर जैक दोबारा बिहार आएंगे। इस दौरान वे प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन करेंगे, उन्हें प्रशिक्षण देंगे और अकादमी के लिए आवश्यक उपकरण, जेटी तथा अन्य संरचनाओं के निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे।

वाटर स्पोर्ट्स ऐसे खेल होते हैं, जो विभिन्न जल निकायों पर खेले जाते हैं। इनमें तैराकी, रोइंग, कयाकिंग, नौका दौड़, ड्रैगन बोट रेस, वाटर पोलो, सिंक्रोनाइज्ड स्विमिंग और गोताखोरी जैसे खेल शामिल हैं। इस अकादमी की स्थापना से बिहार के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का नया अवसर मिलेगा।