NEET छात्रा मौत केस: CBI के हाथ अब तक खाली, एक महीने बाद भी नहीं मिला ठोस सुराग

नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई अबतक किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच सकी है। केस टेकओवर किए करीब एक महीना को है, पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Mar 09, 2026, 9:16:00 AM

नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच अब भी उलझी हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई अब तक किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच सकी है। केस अपने हाथ में लिए करीब एक महीना होने को है, लेकिन जांच अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इस दौरान सीबीआई की टीम जहानाबाद, गयाजी और पटना में छात्रा के हॉस्टल के साथ-साथ कोर्ट के चक्कर लगाती रही, लेकिन अब तक जांच की दिशा साफ नहीं हो सकी है।

सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस आरोपी तक पहुंचना है, जिसका स्पर्म छात्रा के कपड़ों पर मिला था। इससे पहले एसआईटी ने 25 लोगों के सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई थी, लेकिन किसी का भी डीएनए उस कपड़े पर मिले स्पर्म से मैच नहीं हुआ। यही वजह है कि मामले की गुत्थी और ज्यादा उलझ गई है।

इस बीच कोर्ट की फटकार के बाद सीबीआई ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले 12 फरवरी को जब सीबीआई ने केस टेकओवर किया था, तब उसने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने 31 जनवरी को इस केस की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। वहीं छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि भी हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था।

सोमवार को इस मामले में एक बार फिर कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। सीबीआई ने जो पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज किया है, उसकी सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में होगी। पिछली तीन तारीखों पर इस केस में जेल में बंद हॉस्टल संचालक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने उसे राहत नहीं दी।

पॉक्सो कोर्ट ने सीबीआई और बेउर जेल अधीक्षक को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया था। एसआईटी ने कोर्ट में कहा था कि मामला अब सीबीआई के पास चला गया है, इसलिए मनीष रंजन की अब कोई जरूरत नहीं है। वहीं सीबीआई ने भी कोर्ट में यही कहा कि जांच में मनीष रंजन की फिलहाल जरूरत नहीं है। अब तक सीबीआई ने वही जांच आगे बढ़ाई है, जो पहले एसआईटी कर चुकी थी और अभी तक कोई नया साक्ष्य सामने नहीं आया है।