जौनपुर जा रहे मुकेश सहनी को पुलिस ने रोका, सहनी ने राज्य सरकार पर लगाये आरोप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jun 27, 2026, 4:07:00 PM

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में आजाद बिंद हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जाने के दौरान पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने योगी सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें कार्यक्रम स्थल से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। मुकेश सहनी ने कहा कि आजाद बिंद हत्याकांड में पीड़ित परिवार की बेटी पिछले दस दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अनशन और धरने पर बैठी है। उनका पहले से तय कार्यक्रम था कि वे परिवार से मिलकर उनका हालचाल जानेंगे और न्याय की लड़ाई में उनका साथ देंगे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें जिले में प्रवेश तक नहीं करने दिया।

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे हम कोई आतंकवादी या अपराधी हों। सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात कर हमें रोक दिया गया। लोकतंत्र में किसी पीड़ित परिवार से मिलने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह जनता के संवैधानिक अधिकारों का खुला हनन है। उनकी पुलिस अधीक्षक से बातचीत हुई है और उन्होंने आग्रह किया है कि दो दिनों के भीतर पीड़ित परिवार की न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई कर धरना समाप्त कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा जौनपुर आएंगे, चाहे उन्हें छुपकर ही क्यों न आना पड़े।

उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि न्याय मांगने वालों को रोका जा रहा है। इससे यह संदेश जा रहा है कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है, जबकि न्याय दिलाने के बजाय आवाज उठाने वालों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। सहनी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में कानून का राज स्थापित करना चाहती है तो दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई करे। उन्होंने कमलेश बिंद के कथित फर्जी एनकाउंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब, पिछड़े और दलित समाज केवल एनकाउंटर के लिए नहीं हैं, बल्कि उन्हें भी समान न्याय मिलने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। यह भी बताया गया कि वीआईपी प्रमुख को अंबेडकर नगर ले जाया जा रहा है।