मंत्री की पत्नी की कंपनी 250 करोड़ की हो गयी..कौशल विकास केंद्र में घोटाले का आरोप, हजारों युवाओं के भविष्य पर लटका ताला

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रम के तहत संचालित कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) से जुड़े कौशल विकास केंद्रों के बंद होने पर केंद्रों के संचालकों ने भारी बवाल मचाया। विभागीय मंत्री अरूण शंकर प्रसाद पर गंभीर आरोप लग रहा है।

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रम के तहत संचालित कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) से जुड़े कौशल विकास केंद्रों के बंद होने पर केंद्रों के संचालकों ने भारी बवाल मचाया। विभागीय मंत्री अरूण शंकर प्रसाद पर गंभीर आरोप लग रहा है। आक्रोशित लोगों ने विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के ख़िलाफ़ जमकर अपनी भड़ास निकाली। प्रदर्शनकारी संचालकों ने पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। बता दें कि लगभग 1700 केंद्रों के बंद होने और 10 हजार से अधिक कर्मचारियों के बेरोजगार होने का दावा किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारी संचालकों ने सरकार द्वारा पुराने केंद्रों को अचानक बंद करने पर रोजगार छीनने और टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इन लोगों का कहना है कि हजारों लोगों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है। संचालकों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नए सिरे से टेंडर निकालकर अपने पसंदीदा लोगों को काम सौंपने की साजिश रच रही है। 

आक्रोशित लोगों को कहना था कि मंत्री और विभागीय अधिकारी पूरी तरह से भ्रष्ट हैं। इन दोनों को ही इस्तीफ़ा देना चाहिए। उनको इस्तीफ़ा देकर के अपना चार्ज किसी और को दे देना चाहिए। ऐसे भ्रष्ट मंत्री और सेक्रेटरी को नहीं रहना चाहिए। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय मंत्री की पत्नी की कंपनी 250 करोड़ की हो गयी है। आखिर इनके पास ऐसा कौन सा व्यवसाय या योजना था जो इन्होंने इतनी बड़ी कंपनी को खड़ा कर लिया। इनका ये भी कहना था कि यह लोग संस्थान को भ्रष्ट कर रहे हैं। इन सभी चीज़ों की जांच होनी चाहिए।

आक्रोशित लोगों ने कहा कि लाखों लोग इससे जुड़े हुए हैं। मंत्री के द्वारा बोला गया कि नया टेंडर किया जाएगा। नए लोग जुड़ेंगे, यानी जो पुराने लोग चला रहे हैं। नया टेंडर होगा और नए लोग चलायेंगें यानी पुराने लोगों को बंद कर दिया गया। हम लोग सड़क पर आ गए हैं। हम लोगों से कोई मतलब नहीं है। अगर दो तीन दिन के अंदर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाएगा तो हम लोग सैकड़ों की संख्या में आत्मदाह करेंगे और उसे ज़िम्मेदारी विभागीय मंत्री और सचिव की होगी। 

वहीं बड़ी संख्या में संचालकों और ट्रेनरों ने बीजेपी दफ्तर का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। देखते ही देखते पूरा बीजेपी कार्यालय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया और भारी संख्या में पुलिस बल तथा वाटर कैनन की तैनाती कर दी गई।

बता दें कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत राज्य भर के युवाओं को कंप्यूटर, संवाद कौशल और व्यवहार कौशल का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता था। केंद्रों के अचानक बंद होने से न केवल 10 हजार से ज्यादा कुशल ट्रेनर और कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं, बल्कि लाखों प्रशिक्षणार्थी युवाओं की पढ़ाई भी अधर में लटक गई है। प्रदर्शनकारी संचालकों का कहना है कि हम लोग अपनी रणनीति को तय कर रहे हैं। अगर दो से तीन दिन के अंदर ये नहीं मानेंगे तो सैकड़ों की संख्या में हम लोग आत्मदाह करेंगे।