मांस-मछली दुकानों को अब मिलेगा लाइसेंस, दुकानदारों की पहचान के लिए जारी होगा यूनिक वयुआर कोड

मांस-मछली बेचने वालों को अब नगर निगम लाइसेंस देगा। यह एक साल के लिए जारी होगा, जिसके लिए 2 हजार रुपए शुल्क देना होगा।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 25, 2026, 7:17:00 AM

मांस-मछली बेचने वालों को अब नगर निगम लाइसेंस देगा। यह एक साल के लिए जारी होगा, जिसके लिए 2 हजार रुपए शुल्क देना होगा। गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे वाले दुकानदारों को लाइसेंस शुल्क नहीं देना होगा। ऐसे दुकानदारों को केवल आवेदन शुल्क के तौर पर 20 रुपए देने होंगे। लाइसेंस का सालाना नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी दुकानदारों को एक यूनिक क्यूआर कोड भी जारी होगा।

इस क्यूआर कोड में दुकानदार और उसकी दुकान की पूरी जानकारी रहेगी। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने मंगलवार को इस संबंध में अफसरों के साथ बैठक करके लाइसेंस देने को लेकर फैसला किया। नगर विकास विभाग के निर्देश के बाद पटना नगर निगम ने शहर में अवैध मांस-मछली बिक्री पर सख्ती शुरू कर दी है। धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास मांस-मछली बेचने पर रोक रहेगी।

मांस-मछली बेचने के लिए लाइसेंस लेने का नियम पहले से है। लेकिन, लाइसेंस बनाने और इसकी जांच का पूरा सिस्टम ठप था। पिछले दो साल से किसी अंचल में लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। बिना लाइसेंस के ही शहर के चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों में जगह-जगह खुलेआम मटन, चिकन और मछली की बिक्री होती है। विभाग के निर्देश के बाद सभी अंचलों में खुले में मांस-मछली बेचने वालों की पहचान की जा रही है। अबतक 1409 अवैध दुकानों की पहचान की गई है। जांच में पता चला कि नूतन राजधानी अंचल में मांस-मछली की महज 10 और पाटलिपुत्र अंचल में 7 दुकानें ही लाइसेंसी हैं। सभी दुकानदारों को नोटिस दिया जा रहा है, ताकि वे तय समयसीमा में लाइसेंस के लिए आवेदन दे सकें। ऐसा नहीं करने वालों पर निगम प्रशासन जुर्माना करेगा।