पटना से 25 किमी दूर कन्हौली में राज्य का सबसे बड़ा बस टर्मिनल बन रहा है। इसके लिए 50 एकड़ जमीन देने वाले 292 रैयतों को अप्रैल से मुआवजा मिलेगा। इसके लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। जिला भू-अर्जन कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक रैयत के नाम से अलग-अलग नोटिस जारी होगा। उन्हें जमीन के दस्तावेज, वंशावली और बैंक खाते के साथ मुआवजा के लिए आवेदन करना होगा।
जांच के बाद अप्रैल से मुआवजा भुगतान होगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने इस जमीन की खरीद-बिक्री पर 2 दिसंबर 2025 को रोक लगाई गई थी। इसपर दावा-आपत्ति लिया गया था। इसका निष्पादन कर मुआवजा भुगतान के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।
शहर का विकास तेजी से हो रहा है। लगातार जनसंख्या बढ़ रही है। आने वाले समय में परिवहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए नया बस टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया गया है। बस टर्मिनल बनने के बाद इलाके का तेजी से विकास होगा। रिंग रोड से जुड़े होने से बिहार के अन्य जिलों के साथ दूसरे राज्यों में आने-जाने की सुविधा होगी। पटना में पहले हार्डिंग पार्क से बसों का परिचालन हो रहा था। शहर की जनसंख्या और गाड़ियों का दबाव बढ़ने के बाद मीठापुर में बस स्टैंड को शिफ्ट किया गया। इसके बाद बैरिया में बस टर्मिनल बना।