मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद वे शुक्रवार को जेल से बाहर आ सकते हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग करते वक्त ही अनंत सिंह ने इशारों-इशारों में कहा था कि वो जल्द बाहर आएंगे, जो अब सच साबित होता दिख रहा है। उनकी रिहाई को लेकर समर्थकों में खुशी का माहौल है। माना जा रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद वे फिर से इलाके की राजनीति में सक्रिय नजर आएंगे और अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर देंगे।
दुलारचंद हत्याकांड मामले में अनंत सिंह लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे। इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति में भी काफी हलचल रही है। आज पटना हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने जमानत के लिए कई अहम दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष ने कहा कि मामले में पर्याप्त सबूत नहीं हैं और अनंत सिंह को झूठा फंसाया गया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली।
30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया।
जदयू विधायक अनंत सिंह ने ऐलान कहा है कि वो अब विधानसभा चुनाव का चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग करने के बाद जब वो बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया से बात की। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे।
बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लडूंगा। निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए।