दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी होटल टेंडर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके पुत्र तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना निर्णय फिलहाल स्थगित कर दिया है। अदालत के इस कदम से सभी आरोपियों को अस्थायी राहत मिली है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 मई को निर्धारित की गई है, जब अदालत यह तय करेगी कि आरोप तय किए जाएंगे या नहीं। लंबे समय से चल रही इस कानूनी प्रक्रिया पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं और आगामी तारीख को अहम माना जा रहा है। बताते चलें कि यह मामला वर्ष 2004 से 2014 के बीच का है, जब लालू यादव केंद्र में रेल मंत्री के पद पर कार्यरत थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, आईआरसीटीसी के अंतर्गत आने वाले दो होटलों के संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर देने में कथित रूप से नियमों का उल्लंघन किया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में एक निजी कंपनी को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया। इसके बदले में कथित तौर पर लालू परिवार से संबंधित एक कंपनी को जमीन या अन्य आर्थिक फायदे मिलने की बात कही गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का दावा है कि इस पूरे मामले में पद के दुरुपयोग और प्रक्रियागत अनियमितताएं हुईं। हालांकि, लालू यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। राजद का आरोप है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।