लेना है एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस तो करना होगा यह काम

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jun 23, 2026, 6:28:00 PM

लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों को राज्य में निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके लिए बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में संशोधन किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य नए वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों एवं सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के प्रति बेहतर ढंग से प्रशिक्षित करना है। यह निर्णय मंगलवार को बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया। परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नोडल पदाधिकारियों सहित सड़क सुरक्षा परिषद से जुड़े सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया। बैठक में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया तथा कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में परिवहन सचिव राज कुमार, एडीजी मुख्यालय सुधांशु कुमार, बीएसआरटीसी प्रशासक अतुल कुमार वर्मा, अपर सचिव प्रवीण कुमार, उप सचिव अरुणा कुमारी आदि उपस्थित थे।

वर्तमान में बिहार में लगभग 41 निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं, जहां प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान कुल 66 खोलने के लिए स्वीकृति दी गई है, जिसमें 41 खुल चुके हैं एवं 25 निर्माणाधीन है। वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी जिलों का वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया गया है। साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित एक मानक मार्गदर्शिका (रोड सेफ्टी गाइडलाइन) भी तैयार कर सभी जिलों को उपलब्ध करा दी गई है। इसी मार्गदर्शिका के आधार पर राज्य के सरकारी एवं गैर-सरकारी वाहन चालकों को नियमित रूप से सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि बिहार सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं। एलएमवी लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाणपत्र अनिवार्य करने का निर्णय सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा अभियानों को और प्रभावी बनाने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

वहीं परिवहन सचिव राजकुमार ने कहा कि विभाग सड़क सुरक्षा को व्यवहारिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण आधारित मॉडल पर विशेष जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर और सड़क सुरक्षा मार्गदर्शिका तैयार कर दी गई है। इसका उद्देश्य सरकारी एवं गैर-सरकारी वाहन चालकों को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों और जिम्मेदार सड़क उपयोग के प्रति प्रशिक्षित करना है। प्रशिक्षित चालक न केवल अपनी बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग भविष्य में भी सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण, जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर संचालित करेगा, जिससे बिहार में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।