बिहार में सुरक्षा के लिए सख्ती, सराफा दुकानों में हिजाब, नक़ाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर एंट्री पर लगी रोक

राज्य भर के सराफा व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर एक अहम और सख्त फैसला लिया है। अब बिहार में हिजाब, नक़ाब या घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं को, वहीं हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों को सोना-चांदी की दुकानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 07, 2026, 11:51:00 AM

राज्य भर के सराफा व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर एक अहम और सख्त फैसला लिया है। अब बिहार में हिजाब, नक़ाब या घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं को, वहीं हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों को सोना-चांदी की दुकानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस फैसले के बाद कई सराफा दुकानों के बाहर साफ तौर पर सूचना चस्पा कर दी गई है, जिसमें लिखा है कि हिजाब, नक़ाब, घूंघट, हेलमेट और मुरेठा पहनकर प्रवेश वर्जित है।

सराफा कारोबारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी भी समुदाय, धर्म या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर लिया गया है। बीते कुछ महीनों में बिहार के अलग-अलग जिलों से सराफा दुकानों में लूट, चोरी और डकैती की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे व्यापारियों में डर का माहौल है।

कारोबारियों के अनुसार, कई मामलों में अपराधी चेहरे को पूरी तरह ढककर दुकान में घुसते हैं, रेकी करते हैं और फिर हथियार के बल पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। चेहरे ढके होने की वजह से सीसीटीवी फुटेज में पहचान कर पाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे पुलिस जांच प्रभावित होती है।

सराफा एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ग्राहक सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अपना चेहरा दिखाकर या पहचान स्पष्ट कर देता है, तो उसे खरीदारी में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। दुकानदारों का कहना है कि यह नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।

सराफा कारोबारियों का मानना है कि इस फैसले से लूट और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और बाजार में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा। साथ ही ग्राहकों और दुकानदारों, दोनों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। फिलहाल यह फैसला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है और सुरक्षा बनाम सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर बहस भी तेज हो गई है।