शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, नए साल में लागू होगी नई तबादला नीति, शिक्षा विभाग नियमावली को दे रहा अंतिम रूप

राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की नीति नए साल में लागू होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग शिक्षक स्थानांतरण नियमावली को संशोधन के साथ अंतिम रूप दे रहा है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 12, 2025, 2:38:00 PM

राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की नीति नए साल में लागू होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग शिक्षक स्थानांतरण नियमावली को संशोधन के साथ अंतिम रूप दे रहा है। इस नियमावली में शिक्षकों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। माना जा रहा है कि एक माह के अंदर शिक्षा विभाग इस नियमावली को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट को भेज देगा।

नई नियमावली शिक्षकों की सुविधा, स्थानांतरण प्रक्रिया की पारदर्शिता और स्कूलों में पढ़ाई बाधित न हो, इन्हीं तीन आधारों पर तैयार की जा रही है.

राज्य के लगभग 79 हजार स्कूलों में कार्यरत छह लाख से अधिक शिक्षक इस नई नियमावली के दायरे में आएंगे. वर्तमान में लगभग एक लाख से अधिक शिक्षक तबादले की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर स्थानांतरण नई नीति लागू होने के बाद ही संभव होगा. विभाग पहले विधानसभा चुनाव से पहले ही नीति लागू करना चाहता था, लेकिन शिक्षक संघों की आपत्तियों ने प्रक्रिया को थाम दिया. अब इन्हीं बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप तैयार किया जा रहा है.

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि ठोस नियमावली नहीं होने से न सिर्फ विवाद बढ़े, बल्कि कई विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ. ऐसे में नई नीति सभी कोटियों के शिक्षकों (पुराने शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों) के लिए एकीकृत दिशा-निर्देश उपलब्ध कराएगी. 2006 में नियोजित शिक्षकों की बहाली शुरू होने के बाद से ही तबादले पर स्पष्ट नीति तय नहीं हो सकी थी. कई बार ड्राफ्ट बने, पर लागू नहीं हो पाए.

नई नियमावली की अधिसूचना जारी होने के बाद ही तबादले के लिए आवेदन लिए जाएंगे, और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. महत्वपूर्ण प्रावधान के तहत, नियुक्ति के पहले पांच वर्षों तक शिक्षकों को तबादले का विकल्प नहीं मिलेगा. हां, गंभीर बीमारी या अत्यावश्यक स्थिति में पांच वर्ष पूर्ण होने से पहले भी ऐच्छिक तबादले की अनुमति दी जा सकती है.