पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रेप और मौत के मामले में अब जांच तेज हो गई है। इस मामले में गठित एसआईटी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। रविवार को एसआईटी की टीम पटना स्थित प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची, जहां करीब दो घंटे तक डॉक्टरों से पूछताछ की गई। टीम ने इलाज से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि ये दस्तावेज जांच के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं।
इस बीच, शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रहीं छात्राओं की परेशानी भी सामने आई है। हॉस्टल में रहने वाली कई छात्राएं अपने सामान और पढ़ाई की किताबें लेने पहुंचीं, लेकिन उन्हें हॉस्टल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद छात्राओं और उनके परिजनों ने हॉस्टल के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने बताया कि 2 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने वाली है और इसके बाद नीट की परीक्षा है। उनका कहना है कि उनकी सभी किताबें, नोट्स और जरूरी सामान हॉस्टल के अंदर ही रखे हुए हैं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें बताया जा रहा है कि सामान लेने के लिए थाने जाना होगा, जबकि वे समझ नहीं पा रही हैं कि इसके लिए थाना क्यों जाएं।
छात्राओं का कहना है कि बिना किताब और नोट्स के परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द उनका सामान वापस दिलाने की मांग की है, ताकि वे ठीक से पढ़ाई कर सकें।
वहीं, हॉस्टल में रहने वाली एक अन्य छात्रा ने बताया कि वह करीब छह महीने से यहां रह रही थी। घटना वाले दिन वह हॉस्टल में मौजूद थी, लेकिन उसने कोई भी गलत या संदिग्ध गतिविधि नहीं देखी। उसके अनुसार, हॉस्टल का माहौल सामान्य था। इस घटना के बाद उसने हॉस्टल छोड़ने का फैसला किया है। आज वह सिर्फ अपने नोट्स और किताबें लेने आई थी, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।
फिलहाल, एक ओर जहां एसआईटी जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं की पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।