भागलपुर में 30 हजार करोड़ की मेगा परियोजना का जायजा लेने पहुंचे गौतम अदाणी, 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में आज उस समय हलचल तेज हो गई, जब गौतम अदाणी यहां निर्माणाधीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 22, 2026, 4:27:00 PM

भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में आज उस समय हलचल तेज हो गई, जब गौतम अदाणी यहां निर्माणाधीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे। अदाणी समूह के चेयरमैन ने परियोजना क्षेत्र का जायजा लिया और अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उनका यह दौरा बिहार में औद्योगिक निवेश और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अदाणी समूह पीरपैंती में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट क्षमता का आधुनिक थर्मल पावर प्लांट स्थापित कर रहा है। यह मेगा परियोजना करीब 479 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें सिरमतपुर और आसपास के इलाके शामिल हैं। अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक से बनने वाला यह प्लांट ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अत्याधुनिक और अधिक दक्ष माना जाता है, जिससे बिजली उत्पादन की लागत कम होगी और पर्यावरणीय प्रभाव भी अपेक्षाकृत नियंत्रित रहेगा।।

परियोजना स्थल की भौगोलिक स्थिति इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है। उत्तर दिशा में गंगा नदी, दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग और नजदीक रेलवे स्टेशन की उपलब्धता से निर्माण सामग्री और संसाधनों की आपूर्ति सुगम होगी। इससे न सिर्फ निर्माण कार्य में तेजी आएगी, बल्कि संचालन के दौरान भी लॉजिस्टिक लागत कम रहने की संभावना है।

रोजगार के लिहाज से भी यह परियोजना क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात साबित हो सकती है। निर्माण चरण में लगभग 10 से 12 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्लांट के चालू होने के बाद करीब 3000 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए यह अवसर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

फिलहाल परियोजना स्थल पर चहारदीवारी निर्माण और भूमि समतलीकरण का कार्य तेजी से जारी है। कंपनी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अगले पांच वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दौरे के दौरान गौतम अदाणी ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार की ऊर्जा जरूरतों को मजबूती देगी और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार प्रदान करेगी।