पटना: राज्य के डिप्टी सीएम सह जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने उम्मीद जतायी है कि जल्द ही गंगा नदी के जलस्तर में कमी होने लगेगी, जिससे बाढ के हालात में सुधार हो सकता है। विजय चौधरी ने यह बातें सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। चौधरी राज्य में बाढ के हालात पर जानकारी दे रहे थे। चौधरी ने कहा कि बाढ़ का मौसम, बिहार में चुनौती के दिन होते हैं। इस बार कुछ अलग हैं। पहले नेपाल की नदियों में बाढ़ आती थी, बाद में सितम्बर के अंत मे गंगा में बाढ़ आती थी। लेकिन किसी कारण से इस बार पहले गंगा में बाढ़ आ गयी।। नेपाल में आपदा की प्रवृति बदल गयी। इस बार ग्लेशियर के फटने से आपदा आयी। इस बार गंगा के कारण ही बाढ़ आई है। इस बार गंगा नदी ने सभी रिकार्ड को तोड दिया है। गांधी घाट में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गये। उनका यह भी कहना था कि हमारे अधिकारी मुस्तैद रहे। अन्य जगह भी कम परेशानी हुई है। गंगा का जल स्तर जब भी बढ़ता है तो बाढ़ आती है। हालांकि सरकारी स्तर पर राहत कार्य चल रहा है।
विजय चौधरी ने यह भी कहा कि इस बार दो नदियों ने अपने रिकार्ड को तोड़ दिया है। पुनपुन और दरधा नदी में रिकार्ड पानी आया है। पिछले साल का रिकार्ड टूट गया है। इन नदियों में जल अधिक आने के करण पानी फैला है। पहले से तटबंध पुराने वाले ही बने थे। वैसे तटबंधों पर पानी उपर से एक किलोमीटर आगे बढ़ गया। राहत व बचाव कार्य के लिए नाव की व्यवस्था भी की गई है। छोटी नदियों में उफान आया है। अधिकारियों ने सुरक्षित किया है। गंगा नदी का भागलपुर में कटाव था। वहां नदी धारा बदल रही थी। वहाँ अच्छा काम अधिकारियों ने किया है। सचिव स्थल पर कैंप किये थे, उस स्थल को सुरक्षित किया गया।
उनका यह भी कहना था कि रिहायशी इलाकों में परेशानी कम हुई, जबकि निचले इलाके में पानी से परेशानी हुई है। पुनपुन और दरधा नदी में आज भी खतरा बना हुआ है। पानी की अंतिम निकासी गंगा से होता है। गंगा में ही धीमी गति से निकासन हो रहा है। अभी 18 सेंटीमीटर गंगा में पानी घटा है और ये घटेगा तभी पुनपुन और अन्य नदियों में पानी घटेगा। हमें उम्मीद है कि कल से पानी और कम होगा। बाढ़ प्रबंधन को लेकर जो चुनौती है, उसे पूरा किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री के समय में जो राहत के मामले में जो एसओपी था, वही अपनाया जा रहा है। अभी के मुख्यमंत्री स्वयं देख रहे है। अधिकारियों को आदेश दिया है। राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का हक होता है।