वैशाली में CTET परीक्षा के दौरान हंगामा, प्रश्न पत्र देर से मिलने पर परीक्षार्थियों में आक्रोश

वैशाली से बड़ी खबर है, जहां CTET परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। केशोपुर स्थित संत जॉन्स परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी मच गई,

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 07, 2026, 2:13:00 PM

वैशाली से बड़ी खबर है, जहां CTET परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। केशोपुर स्थित संत जॉन्स परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह 9:30 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए तय समय के काफी देर बाद तक प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे।

जानकारी के अनुसार, परीक्षार्थी निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच चुके थे। लेकिन सुबह 9:30 बजे परीक्षा शुरू होने के बजाय 11 बजे तक भी प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। लगभग डेढ़ घंटे की देरी से नाराज परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने केंद्र प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा शुरू कर दिया।

परीक्षार्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा में इस तरह की लापरवाही बेहद निराशाजनक है। कई अभ्यर्थी दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा देने पहुंचे थे। समय पर प्रश्न पत्र नहीं मिलने से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई।

यह पूरा मामला वैशाली थाना क्षेत्र के संत जॉन्स परीक्षा केंद्र का है, जहां एक हजार से अधिक परीक्षार्थी CTET परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे। हंगामा बढ़ता देख परीक्षार्थी केंद्र के बाहर निकल आए और सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

स्थानीय लोगों ने जब हालात बिगड़ते देखे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परीक्षार्थियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, परीक्षार्थियों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि जब अधिकारी देर से प्रश्न पत्र लेकर पहुंचे, तो उन्होंने प्रश्न पत्र लेने से ही इनकार कर दिया।

परीक्षार्थियों ने इस अव्यवस्था के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में प्रशासन की लापरवाही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

फिलहाल, इस अव्यवस्था के चलते परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस लापरवाही की जिम्मेदारी तय करेगा और परीक्षार्थियों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी?