बृजनन्दन शर्मा के निधन पर डॉ. संतोष कुमार सुमन ने जताया शोक, शाम 4 बजे दीघा घाट पर अंतिम विदाई

आज बिहार के शिक्षक समाज के हृदय में एक गहन शोक की लहर दौड़ गई है। जब पूर्व सांसद अरुण कुमार और पूर्व मंत्री अनिल कुमार के पिता बृजनन्दन शर्मा का आज निधन हो गया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 04, 2026, 11:57:00 AM

आज बिहार के शिक्षक समाज के हृदय में शोक की एक गहन और पीड़ादायक लहर दौड़ गई है। प्राथमिक शिक्षकों के वरिष्ठ, संघर्षशील एवं सर्वमान्य नेता स्वर्गीय बृजनन्दन शर्मा जी के निधन की खबर ने न केवल शिक्षक समुदाय, बल्कि समूचे सामाजिक-राजनीतिक जगत को मर्माहत कर दिया है। वे पूर्व सांसद अरुण कुमार तथा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार के पूज्य पिता थे।

स्वर्गीय बृजनन्दन शर्मा जी ने आज पटना स्थित डॉ. अनिल कुमार के आवास, 15 हार्डिंग रोड पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज शाम चार बजे दीघा घाट पर संपन्न होगा।

इस दुःखद अवसर पर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बृजनन्दन शर्मा जी का निधन शिक्षक समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।

डॉ. सुमन ने अपने शोक संदेश में कहा कि बृजनन्दन शर्मा जी ने अपना संपूर्ण जीवन प्राथमिक शिक्षकों के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और शिक्षक संगठनों को सशक्त बनाने में समर्पित कर दिया। वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि शिक्षक समाज के लिए एक मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और संघर्ष का प्रतीक थे।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शर्मा जी की संघर्षशीलता, ईमानदारी और संगठनात्मक क्षमता ने शिक्षक आंदोलन को नई दिशा दी। शिक्षकों की समस्याओं को सरकार और समाज के समक्ष मजबूती से रखने में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उनका नेतृत्व और विचारधारा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुःख की घड़ी में पूरा शिक्षक समाज और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

स्वर्गीय बृजनन्दन शर्मा जी का योगदान शिक्षक समाज के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।