बिहार में इस समय ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन-रात लगातार पछुआ हवा चल रही है, जो सीधे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से बर्फीली ठंडक लेकर आ रही है। इसका असर यह है कि पूरे प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 10 बजे तक अधिकांश इलाकों में घना कुहासा छाया रहता है और धूप देर से निकल रही है। कई जगहों पर धूप निकलने के बावजूद ठंड और कनकनी इतनी ज्यादा है कि धूप भी बेअसर साबित हो रही है।
गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम बिहार में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई। पटना सहित 36 जिलों में कोल्ड-डे दर्ज किया गया, जबकि दरभंगा में भीषण कोल्ड-डे की स्थिति रही। पछुआ हवा के चलते तापमान में भारी गिरावट देखी गई है। प्रदेश के 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। वहीं, गयाजी शहर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी शुक्रवार को बिहार में कोल्ड-डे का अलर्ट जारी किया है। इसमें 33 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में ठंडी हवा के कारण कनकनी ज्यादा महसूस की जाएगी और घना कोहरा छाए रहने की पूरी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा लोगों को परेशान करती रहेगी। ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी पटना में पिछले सात दिनों के दौरान 1000 से ज्यादा बच्चे ठंड से जुड़ी बीमारियों के कारण अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें से तीन बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।