बिहार के 3 जिलों में शीतलहर का हाई अलर्ट, 22 दिसंबर के बाद कोल्ड डे का खतरा

दिसंबर जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, बिहार का मौसम और सख्त होता जा रहा है. कहीं घना कोहरा लोगों की रफ्तार थाम रहा है तो कहीं ठंडी पछुआ हवाएं हड्डियों तक उतरने लगी हैं.

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 17, 2025, 9:09:00 AM

दिसंबर जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, बिहार का मौसम और सख्त होता जा रहा है. कहीं घना कोहरा लोगों की रफ्तार थाम रहा है तो कहीं ठंडी पछुआ हवाएं हड्डियों तक उतरने लगी हैं.

IMD ने साफ कर दिया है कि 17 दिसंबर से बिहार में ठंड का असर तेज होगा और अगले छह दिन तापमान लगातार नीचे जाएगा. हालात इतने गंभीर हो सकते हैं कि 22 दिसंबर के बाद कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बन जाए, जहां दिन में भी कंपकंपी छूटेगी.

IMD के अनुसार पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है. इसी सिस्टम के चलते उत्तर भारत में ठंडी और शुष्क पछुआ हवाएं तेज हुई हैं. बिहार तक पहुंच रही इन हवाओं ने रात के तापमान को तेजी से गिराया है और दिन की गर्माहट भी कमजोर कर दी है. यही वजह है कि धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर बना हुआ है.

17 दिसंबर को राजधानी पटना, गया, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बक्सर, भोजपुर और पूर्णिया में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है. सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा. खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वालों और हाईवे पर चलने वाले वाहनों के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.

IMD का पूर्वानुमान बताता है कि 22 दिसंबर के बाद ठंड का असर एक नया मोड़ ले सकता है. कई जिलों में सिर्फ रातें ही नहीं, दिन भी ठिठुरन भरे हो सकते हैं. ‘कोल्ड डे’ की स्थिति तब बनती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाए. इस दौरान सारण, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, बक्सर, गया और सीतामढ़ी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है.