बिहार बनेगा टूरिस्ट हब, विष्णुपद-महाबोधि कॉरिडोर पर बड़ा निर्देश, राजगीर, नालंदा और पावापुरी पर CM सम्राट का बड़ा फैसला

बिहार को टूरिस्ट हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार ने कमर कस ली है। गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 14, 2026, 4:56:00 PM

बिहार को टूरिस्ट हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के धरोहर स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, और पर्यटन के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर कई बड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सम्राट सरकार ने राज्य के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 

आज पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, पर्यटन निवेश बढ़ाने और ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के निर्देश दिए गए। 

सीएम ने कहा कि गया में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर उन्हें विश्वस्तरीय तीर्थ एवं पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। 

राजगीर में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार एवं उन्नयन करते हुए इसे वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। सरकार चाहती है कि राजगीर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।  इसके लिए आधारभूत संरचना और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने की योजना पर काम तेज करने के निर्देश दिए गए। 

नालंदा की ऐतिहासिक एवं वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ करते हुए इसे ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। सरकार का उद्देश्य इसे ज्ञान, संस्कृति और विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि इसकी ऐतिहासिक धरोहर का व्यापक प्रचार-प्रसार हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले। पावापुरी मंदिर परिसर के समग्र विकास हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। 

पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।  सरकार का मानना है कि इससे आधारभूत संरचना के विकास, नई परियोजनाओं और रोजगार सृजन को गति मिलेगी। ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे योजना के विस्तार पर भी बल दिया गया। सरकार का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि गांवों में भी पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

सम्राट चौधरी ने बैठक में कहा कि बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना है और राज्य को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

बैठक की मुख्य बातें

बिहार पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई।

गया में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

दोनों परियोजनाओं को विश्वस्तरीय तीर्थ एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

राजगीर को आधुनिक सुविधाओं के साथ वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाने की योजना पर समीक्षा हुई।

नालंदा को ज्ञान, संस्कृति और विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में और मजबूत करने पर फोकस किया गया।

पावापुरी मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए PPP मॉडल को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।

ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे योजना के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर बल दिया गया।

इससे रोजगार सृजन और पर्यटन आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने बिहार को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।