यह पटना के गांधी मैदान से जुड़ी एक अहम खबर है। जिला प्रशासन ने गांधी मैदान को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब गांधी मैदान परिसर में किसी भी तरह की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी नहीं की जा सकेगी। इसमें दौड़, कसरत, ग्राउंड ट्रेनिंग और अन्य शारीरिक अभ्यास शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार गांधी मैदान सिर्फ एक सामान्य मैदान नहीं है। यह पटना की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक पहचान का प्रतीक है। यहां समय-समय पर बड़े आयोजन, सरकारी कार्यक्रम, सांस्कृतिक उत्सव और जनसभाएं होती रही हैं। ऐसे में इसकी सुरक्षा और सुंदरता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। लगातार दौड़ और कसरत से मैदान की हरियाली को नुकसान पहुंच रहा था। रनिंग ट्रैक, पाथवे और अन्य संरचनाएं भी खराब हो रही थीं। इससे गांधी मैदान की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही थी।
इसके अलावा आम लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सुबह और शाम टहलने आने वाले नागरिक, बच्चे, बुजुर्ग और पर्यटक खुद को असहज महसूस कर रहे थे। कई बार भीड़ और तेज दौड़ के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता था।
इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह सख्त फैसला लिया है। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे शारीरिक तैयारी के लिए अन्य निर्धारित स्थानों या स्टेडियम का उपयोग करें। गांधी मैदान को स्वच्छ, सुरक्षित और सभी नागरिकों के लिए उपयोगी बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने कहा है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सभी से सहयोग की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गांधी मैदान आम लोगों के भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, राष्ट्रीय पर्वों, सरकारी आयोजनों और शांत वातावरण में समय बिताने के लिए रहेगा, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी के लिए इसका उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को प्रशासन की ओर से चिह्नित अन्य मैदानों या निर्धारित स्थलों का उपयोग करना होगा।