CM सम्राट चौधरी ने युवाओं की मौज कर दी, दो बड़े फैसले से नौकरियों की होगी बारिश

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बिहार के युवाओं को नए दौर के रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और कुशल युवा कार्यक्रम को लेकर फैसला लिया।

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो बड़े फैसले लिए। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ट्रेंड करने उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं बिहार के युवाओं को नए दौर के रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वहीं बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को सरकार ने अगले पांच वर्षों के विस्तार दे दिया है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना यह पहल आर्थिक बाधाओं को दूर कर बिहार के युवाओं को उच्च शिक्षा, बेहतर अवसर और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही बीएड कॉलेजों में सिर्फ बीएड ही नहीं बल्कि कला, विज्ञान और अन्य विषयों के स्नातक पाठ्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देने वाली बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को सरकार ने अगले पांच वर्षों के विस्तार दे दिया है। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए "बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना" को अगले 5 वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए विस्तारित करते हुए चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹950 करोड़ की मंजूरी दी गई है।  चालू वित्तीय वर्ष में छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से शिक्षा ऋण मुहैया कराने के लिए सरकार ने 950 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सचिव मो सोहेल ने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। योजना के तहत अब तक राज्य के करीब 4.15 लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना को पांच वर्ष के लिए विस्तार दिया गया है। साथ ही मंत्रिमंडल ने इस वर्ष छात्रों को शिक्षा ऋण देने के लिए 950 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए है। सरकार के इस फैसले से आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय मदद मिलने का रास्ता साफ होगा।

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा-यह पहल आर्थिक बाधाओं को दूर कर बिहार के युवाओं को उच्च शिक्षा, बेहतर अवसर और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बता दें कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत 12वीं पास करने वाले गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है। सरकार ने इस योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। सामान्य विद्यार्थियों के लिए मात्र 4%, जबकि महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर के लिए सिर्फ 1% साधारण ब्याज पर 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है। आवेदक बिहार का मूल निवासी हो, 12वीं कक्षा पास हो, और मान्यता प्राप्त संस्थान में दाखिला लिया हो। विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस, हॉस्टल खर्च, किताबें, लैपटॉप और अन्य पठन-सामग्री के लिए यह शिक्षा ऋण मिलेगा।  

वहीं सात निश्चय-3' के तहत कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार किया गया है। युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए 'सात निश्चय-3' (दोगुना रोजगार-दोगुना आय) के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम को अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) के लिए बढ़ा दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 430.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। युवाओं को AI, ड्रोन, सोलर, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा एवं उद्यमिता जैसे भविष्य के कौशलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं को सोलर, ड्रोन तकनीक, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, मल्टी-स्किल्ड लैब तकनीशियन, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, ब्यूटी एवं वेलनेस, वेब इन्फारमेशन टेक्नोलाजी, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, टैली, भाषा और उद्यमिता जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, कार्यक्रम के तहत 6,436 प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन से प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इन केंद्रों में हर वर्ष करीब 2.57 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा नौकरी पाने के साथ अपना उद्यम शुरू कर दूसरे लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे।

इसके अतिरिक्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के नामांकन प्रक्रिया में संशोधन करने और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों के 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद पटना के जरिए किए जाने को स्वीकृति दी गई है। राज्य के निजी ITI संस्थानों की 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन अब बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (BCECEB) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने राज्य के करीब तीन सौ निजी बीएड संस्थानों को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालय के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया है। 

मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बिहार में संचालित 300 एकल निजी बीएड संस्थानों को अब बहुविषयक डिग्री महाविद्यालय के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। फैसले के बाद एनसीटीई से मान्यता प्राप्त निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों में बीएड के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित अन्य विषयों के स्नातक पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकेंगे। इसके अलावा कौशल आधारित पाठ्यक्रमों के संचालन का भी रास्ता खुलेगा। नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), एनसीटीई और राज्य सरकार के निर्धारित मानकों तथा आवश्यक स्वीकृतियों का पालन करना होगा।