बिहार ने गन्ना उद्योग में अपनी पहले की नीति में बडा बदलाव किया है। अब यहां मॉडल कॉम्प्लेक्स शुगर मिल नीति को मंजूरी दे दी गयी है। बिहार देश का पहला राज्य का जो इस नीति को लाया है। इस नीति के लागू होने से गन्ना क्षेत्र में निजी निवेशकों को आकर्षित करने में काफी मदद मिलेगी। राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गन्ना उद्योगपतियों, निवेशकों को सिर्फ एक रूपये की टोकन मनी पर 40 एकड़ जमीन मिलेगी। इसके अलावा शुगर मिल परिसर में एथेनॉल, सीबीजी, बायोगैस और बिजली उत्पादन हो सकेगा। राज्य सरकार 15 नई चीनी मिलों की शुरुआत करने की तैयारी में है। आगामी नवंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हाथों से शिलान्यास करेंगे।
गन्ना मंत्री संजय कुमार गुरूवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। मॉडल काम्प्लेक्स सुगर मिल को मंजूरी मिली है। बिहार देश का पहला राज्य होगा, जहाँ सीबीजी, एथेनाल और बिजली का भी उत्पादन करेंगे। मुख्य मंत्री सम्राट चौधरी ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की बंद पड़ी चीनी मिल को खोलने का निर्णय लिया गया है। इस साल उम्मीद है कि पांच चीनी मिल का उद्घाटन हो जाएगा। उम्मीद है कि बहुत जल्द बिहार के बंद चीनी मिल खुलने लगेंगे। गन्ने के लिए नीति लाई गई है। निवेशकों के लिए भी बड़ा फैसला लाया गया है, जो निवेशकों को लुभाएगा।
गन्ना मंत्री ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने दूसरे राज्यों में जाकर चीनी मिल को देखा और बेहतर बातों को देख उसे बिहार के गन्ना मिलों में लागू करने का निर्णय लिया। जो भी प्रस्ताव निवेशकों का आएगा। इसके लिए विभाग के अधिकारी तत्पर रहेंगे और जल्द से जल्द उनके प्रपोजल को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। गन्ना विभाग गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास कर रहा है। किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। आइसीएआर से टाई अप करके उन्नत बीज उत्पादन पर काम चल रहा है। नए चीनी मिल की स्थापना के लिए न्यूनतम 3500 TCD क्षमता वाली नई चीनी मिल के लिए 70 करोड़ तक की सहायता 5 किस्तों में दी जाएगी। 3500 टीसीडी क्षमता से ऊपर प्रत्येक 100 TCD पर 2 करोड़ रूपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। नए चीनी मिल की स्थापना और क्षमता विस्तार के लिए भूमि खरीद पर लगने वाले निबंधन शुल्क की शत प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी।