बिहार में पुलिसिंग को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब बिहार पुलिस जल्द ही ड्रोन से लैस होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए 50 अत्याधुनिक ड्रोन खरीदने की मंजूरी दे दी है।
Bihar Home Department ने ड्रोन खरीद के लिए 24 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। ये सभी ड्रोन एएनपीआर यानी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉर्डर टेक्नोलॉजी से लैस होंगे। इस तकनीक की मदद से सड़कों पर चलने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को आसानी से स्कैन किया जा सकेगा और संदिग्ध वाहनों की पहचान तुरंत की जा सकेगी।
ड्रोन पुलिसिंग लागू करने के साथ ही बिहार देश का पांचवां राज्य बन जाएगा। इससे पहले Kerala, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और गुजरात में ड्रोन पुलिसिंग की शुरुआत हो चुकी है।
पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत इन ड्रोन को खरीदा जा रहा है। इन ड्रोन की खासियत यह है कि ये करीब 45 मिनट तक लगातार हवा में उड़ान भर सकते हैं। इसके अलावा ये 100 मीटर की ऊंचाई से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में निगरानी करने में सक्षम होंगे। इससे भीड़भाड़ वाले इलाकों, बड़े आयोजनों और संवेदनशील जगहों पर निगरानी करना आसान हो जाएगा।
राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस की निगरानी क्षमता और कार्रवाई दोनों मजबूत होंगी। इससे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित खतरों की पहचान करने में भी काफी मदद मिलेगी।
दरअसल, इस फैसले से पहले बिहार पुलिस की टीम ने करीब तीन महीने पहले अन्य राज्यों में जाकर ड्रोन पुलिसिंग की व्यवस्था का अध्ययन किया था। टीम ने यूपी, गुजरात, तमिलनाडु और केरल में जाकर यह देखा कि वहां ड्रोन का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है।
स्टडी के बाद बिहार पुलिस ने 50 ड्रोन खरीदने का फैसला लिया और पिछले महीने इसका प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। माना जा रहा है कि ड्रोन आने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।