बिहार में अगले पुलिस प्रमुख की तलाश के बीच नौकरशाही में चर्चाओं का बाजार गर्म है. वर्तमान डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल आने वाले दिसम्बर महीने में खत्म होने वाला है. उनके कार्यकाल खत्म होने से पहले सम्राट सरकार ने नए डीजीपी की तलाश शुरू कर दी है और अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है. राज्य सरकार नाम को शॉर्टलिस्ट करने के बाद यूपीएससी के पास भेजेगी. फिलहाल गृह मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव भेजा गया है. नए डीजीपी के लिए वरिष्ठता, अनुभव और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं. सत्ता के गलियार से निकलकर आ रही खबरों के अनुसार आईपीएस प्रीता वर्मा, जेएस गंगवार और कुंदन कृष्णन का नाम प्रमुखता से सामने आया है. हालांकि अंतिम चयन की प्रक्रिया में यूपीएससी की भूमिका अहम होगी और उसके बाद राज्य सरकार अंतिम फैसला करेगी.
बिहार के पुलिस कप्तान हैं विनय कुमार और उनका दो साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को समाप्त हो रहा है. ऐसे में नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक संभावित नामों और वरिष्ठता को लेकर मंथन शुरू हो चुका है. खास बात यह है कि इस बार डीजीपी की कुर्सी की रेस में एक महिला अधिकारी का नाम भी सबसे आगे चल रहा है.
गृह विभाग ने डीजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार कर लिया है. प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और वरिष्ठता में सबसे ऊपर मानी जा रही हैं. वह फायर एवं होमगार्ड सर्विस से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं. अगर उनके नाम पर मुहर लगती है तो वह बिहार की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं. महिला नेतृत्व के लिहाज से भी उनकी दावेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
इस रेस में आईपीएस भृगु श्रीनिवासन का नाम भी शामिल है. श्रीनिवासन 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनएसजी के डीजी हैं. इससे पहले बिहार पुलिस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. एनएसजी के महानिदेशक के तौर पर उनकी मौजूदा भूमिका और लंबा पुलिस अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है. श्रीनिवासन बिहार में कई जिले में एसपी रह चुके हैं. वैसे, उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने की कम ही संभावना है.
जितेंद्र सिंह गंगवार 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. बिहार में एडीजी मुख्यालय, ईओयू और विशेष शाखा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अनुभव उनके पास रहा है. वर्तमान में वह निगरानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनकी प्रशासनिक और पुलिस मुख्यालय की लंबी पारी को डीजीपी की दौड़ में अहम माना जा रहा है. जितेंद्र सिंह गंगवार की गिनती अच्छे अधिकारियों में होती है और गंगवार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए जाने जाते हैं. जे एस गंगवार भी सरकार के जातीय आइने से देखा जाए तो फिट बैठते हैं.
जितेंद्र कुमार 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. सीआईडी और पुलिस मुख्यालय में लंबे अनुभव के अलावा वह केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के डीजी पद से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और बी-सैप की जिम्मेदारी भी उनके पास रही है. वरिष्ठता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उनका नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है. जितेंद्र कुमार भी ईमानदार छवि के पदाधिकारी माने जाते हैं.
कुंदन कृष्णन 1994 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी माने जाते हैं. पटना एसएसपी से लेकर आईजी और एडीजी मुख्यालय तक उन्होंने महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. वर्तमान में विशेष शाखा और एसटीएफ से जुड़ी जिम्मेदारियां उनके पास हैं. कानून-व्यवस्था और खुफिया तंत्र में उनके अनुभव की वजह से उनकी दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है. कुंदन कृष्णन बार-बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी जाते रहे हैं. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो में निदेशक रहे हैं. सरकार के जातीय समीकरण में फिट बैठते हैं और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला से आते हैं. सत्तारूढ दलों के अलावा विपक्षी दलों के भी चहेते हैं.
आईपीएस कुंदन कृष्णन के बैच में डॉ. परेश सक्सेना और निर्मल कुमार आजाद भी डीजी रैंक में शामिल हैं. केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अमित कुमार और अनुपमा एस निलेकर चंद्रा को बिहार में एडीजी का दर्जा है. डीजी सिविल डिफेंस डॉ परेश सक्सेना इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं. निर्मल कुमार आजाद का कार्यकाल दिसंबर 2027 तक है. 30 साल की सेवा पूरी कर चुके 1995 और 1996 बैच के एडीजी स्तर के अधिकारियों का नाम भी सूची में भेजा गया है. इनमें बिहार में तैनात एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के एडीजी सह निदेशक आर. मलार विझी, डॉ कमल किशोर सिंह, पारस नाथ, पंकज कुमार दराद, अमित कुमार जैन, सुधांशु कुमार, नैय्यर हसनैन खान जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात सुशील एम खोपड़े, एस रवीन्द्रन शंकरन, जगमोहन व अनिल किशोर यादव का नाम शामिल है.
दरअसल, गृह विभाग ने 30 साल की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों की एक लिस्ट बनाई है और उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है. इस लिस्ट में डीजी रैंक के 9 अधिकारी और 1995-96 बैच के 14 एडीजी स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल बताये जा रहे हैं. गृह विभाग अधिकारियों के नामों पर यूपीएससी से विचार-विमर्श करेगा. इसके बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा और यही पैनल बिहार सरकार को वापिस भेजा जाएगा. इसके बाद मुख्यमंत्री इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे. ऐसे में बिहार के नए डीजीपी को लेकर अंतिम मुहर किसके नाम पर लगती है, यह देखने वाली बात होगी. इतना तय है कि इस बार भाजपा के चाणक्य की पसंद ही जमीं पर दिखेगी
अनूप नारायण सिंह