बिहार पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 54 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला

बिहार पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 54 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 17, 2026, 11:20:00 AM

बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासन में व्यापक बदलाव किए हैं। शनिवार देर रात गृह विभाग ने बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी रैंक के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों से जुड़ी अधिसूचना जारी की। इस फेरबदल को पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न विशेष इकाइयों को सक्रिय बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EoU), मद्य निषेध, साइबर क्राइम और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। कई जिलों और विशेष इकाइयों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण करते हुए अनुभवी अधिकारियों को नई भूमिकाएं सौंपी गई हैं।

तबादला सूची के अनुसार, मो. अली अंसारी को रेल शाखा में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद से हटाकर यातायात शाखा में इसी पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अशफाक अंसारी को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से स्थानांतरित कर मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, पटना में पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है।

राजधानी पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आशीष कुमार सिंह को ट्रैफिक डीएसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मनोज राम को वैशाली से स्थानांतरित कर अपराध अनुसंधान विभाग (CID), पटना में पदस्थापित किया गया है।

महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। वंदना मुखर्जी को मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, पटना में अपर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। साइबर अपराध पर नियंत्रण को मजबूत करने के लिए शाहनवाज अख्तर को रोहतास से नवादा साइबर क्राइम इकाई भेजा गया है, जबकि अब्दुर रहमान दानिश को सारण से गया साइबर क्राइम शाखा में तैनाती मिली है।

इसी क्रम में औरंगाबाद में पदस्थापित अभिषेक कुमार को साइबर अपराध से जुड़े विशेष प्रशिक्षण के लिए मुंबई भेजा गया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार तकनीकी अपराधों से निपटने के लिए पुलिस बल को आधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञता से लैस करने पर विशेष जोर दे रही है।

सरकार के इस बड़े प्रशासनिक बदलाव को आगामी समय में पुलिस व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।