मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के युवाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। CM सम्राट चौधरी बोले- बिहार के युवाओं और नौजवानों को मुख्यधारा से जोड़ना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बिहार का भविष्य यहां के युवा हैं, आने वाली पीढ़ी बिहार का निर्माण करेगी। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा-बिहार की संस्कृति, सभ्यता और गौरवशाली इतिहास को युवा पीढ़ी आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र कल्याण के लिए अलग डायरेक्टरेट बनाने की तैयारी है। हायर एजुकेशन, शिक्षा, साइंस-टेक और ITI समेत संबंधित विभागों को जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा-छात्रों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार अलग व्यवस्था विकसित करेगी। शिक्षा व्यवस्था में NEET जैसी गड़बड़ियों को ठीक करना जरूरी है। शिक्षा से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुंडा एक्ट और CCA के तहत ऐसे मामलों में एक साल तक जेल में रखने का प्रावधान है। सीएम ने कहा- कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। 551 मॉडल स्कूलों के बाद 143 और मॉडल स्कूल बनाने की तैयारी है। पूरे बिहार में 1001 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य है। NEP 2020 और PM श्री विद्यालयों को और प्रभावी बनाने पर सरकार का फोकस है।
वहीं पेपर लीक की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए कहा कि आज के दौर में टेक्नोलॉजी ने परीक्षा प्रणाली को आसान बनाने के साथ-साथ नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। यदि सिस्टम में शामिल एक व्यक्ति भी अपना ईमान बेच देता है तो प्रश्न पत्र बाजार में पहुंच जाता है और एक व्यक्ति की गलती से पूरी परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। इसके लिए अलग से एक कमेटी बनाई जाएगी, जो परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के सुझाव देगी।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा से लेकर कॉलेज की परीक्षाएं, शिक्षकों की बहाली की परीक्षाएं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से कराना सरकार के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण परीक्षा प्रणाली में जहां कई सुविधाएं आई हैं, वहीं जोखिम भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि “यदि एक आदमी ने अपना ईमान बेच दिया तो क्वेश्चन पेपर मार्केट में आ जाता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एक व्यक्ति की गलती से पूरी परीक्षा व्यवस्था इधर से उधर हो सकती है। इसलिए सरकार अब परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर अलग से विशेषज्ञ कमेटी बनाने जा रही है।
सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि 15 अगस्त से मोबाइल ऐप के जरिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त पढ़ाई उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष को इसे जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा-इस ऐप के लिए एक मॉनिटरिंग सेल बनाया जाए। इससे सरकार को यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने बच्चे किस समय ऐप के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं और डिजिटल शिक्षा का कितना लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है।