बिहार: ड्राई पोर्ट से पहली बार भेजा गया कतरनी चावल, मुंबई से समुद्र के रास्ते जाएगा दुबई

बिहटा स्थित प्रिस्टिन मगध ड्राई पोर्ट से बिहार के लिए एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है। पहली बार राज्य का प्रसिद्ध कतरनी और मसूरी चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने के लिए दुबई रवाना किया गया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 07, 2026, 1:31:00 PM

बिहटा स्थित प्रिस्टिन मगध ड्राई पोर्ट से बिहार के लिए एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है। पहली बार राज्य का प्रसिद्ध कतरनी और मसूरी चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने के लिए दुबई रवाना किया गया है। यह पहल न सिर्फ बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाली मानी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, इस चावल की पैकिंग औरंगाबाद स्थित राइस मिल में कराई गई थी। इसके बाद बिहटा ड्राई पोर्ट से चावल को ट्रेन के जरिए कानपुर के पनकी टर्मिनल भेजा जाएगा। वहां से यह खेप नावा सेवा के माध्यम से मुंबई पहुंचेगी और फिर समुद्री रास्ते दुबई के लिए रवाना होगी। यह पूरा लॉजिस्टिक नेटवर्क बिहार के निर्यात ढांचे को मजबूत करने का उदाहरण है।

प्रिस्टिन मगध ड्राई पोर्ट के क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि इस खेप में कुल 20 कंटेनरों के जरिए चावल भेजा गया है। प्रत्येक कंटेनर में करीब 25 टन चावल लोड किया गया है। इस तरह कुल 500 टन कतरनी और मसूरी चावल दुबई के लिए निर्यात किया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी और भविष्य में निर्यात-आयात की संभावनाओं को और बढ़ाएगी।

राकेश कुमार के अनुसार, ड्राई पोर्ट की यह सुविधा न केवल लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाएगी, बल्कि स्थानीय किसानों और उद्योगों को भी बड़ा लाभ देगी। किसानों को अब अपने उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी बिहटा ड्राई पोर्ट से रूस के लिए 90 कंटेनरों की खेप भेजी जा चुकी है। इनमें से सात कंटेनरों में खाद्य पदार्थ, जूते और स्टील के केबल थे, जबकि 83 कंटेनर खाली थे। इन कंटेनरों को हल्दिया बंदरगाह भेजा गया, जहां से उनमें सामान भरकर रूस रवाना किया गया। इस तरह बिहटा ड्राई पोर्ट लगातार बिहार को वैश्विक व्यापार के नक्शे पर मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।