सीमा सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, 15 KM दायरे में अवैध कब्जों पर कार्रवाई तेज

सीमा सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, 15 KM दायरे में अवैध कब्जों पर कार्रवाई तेज

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 10, 2026, 9:54:00 AM

बिहार के नेपाल से सटे जिलों में सीमा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और विकास योजनाओं को लेकर प्रशासन ने गति तेज कर दी है। राज्य सरकार द्वारा ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ-साथ सीमा की निगरानी को भी तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में सीमा स्तंभों की जांच और संरक्षण के लिए आधुनिक उपकरणों और संयुक्त सर्वेक्षण अभियानों का सहारा लिया जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी चम्पारण में 1,237 और मधुबनी में 358 सीमा स्तंभों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। वहीं किशनगंज और सीतामढ़ी में क्षतिग्रस्त या लापता स्तंभों की पहचान कर उनकी मरम्मत के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। सुपौल जिले में इस दिशा में सभी जरूरी मरम्मत कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

इस बीच, बिहार के सीमावर्ती जिलों जैसे पूर्वी और पश्चिमी चम्पारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, किशनगंज, सुपौल और अररिया के अधिकारियों ने गुरुवार को सीमा सुरक्षा और विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और उससे सटे 15 किलोमीटर के क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने का अभियान जारी रहेगा। इसी के तहत मधुबनी में चिह्नित सभी 186 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। किशनगंज में भी पिछले एक महीने के भीतर 34 अवैध निर्माणों को समाप्त किया गया है। पश्चिमी चम्पारण में 272 में से 261 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष मामलों में नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए भी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। हाल ही में पूर्वी चम्पारण में 18,500 रुपये की भारतीय और 25 लाख रुपये की नेपाली नकली मुद्रा के साथ 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सीतामढ़ी में भी 49 लाख नेपाली और 20,100 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मधुबनी और अररिया में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश कर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए भी सतर्कता बढ़ाई गई है। जांच के दौरान उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और अमेरिका के नागरिकों को बिना वैध दस्तावेजों के प्रवेश के मामलों में पकड़ा गया है।

वहीं, सीमावर्ती गांवों के विकास को गति देने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II’ के तहत बड़ी संख्या में गांवों को चयनित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य इन इलाकों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है, साथ ही सीमा सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करना है।