त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम अचानक बढ़ गए हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 65 रुपये से 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं। पटना समेत राज्य के कई प्रमुख शहरों में चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक करीब 10 से 12 दिनों में चीनी की कीमत में लगभग 24 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। रक्षाबंधन से लेकर छठ तक त्योहार का सीजन अभी बाकी है। लिहाजा चीनी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत और बढ़ सकती है। ऐसे में त्योहारों के मौसम से ठीक पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।
हालांकि लगातार चीनी के मूल्य में हो रही वृद्धि को गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि चीनी के व्यापारियों के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसकी जांच कराने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। चीनी मिलों द्वारा चीनी की बिक्री के बाद अधिकतम 7 दिन ही स्टॉक अपने परिसर में रख सकेंगे अन्यथा कार्रवाई होगी।
बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चीनी की सप्लाई घटने से दरें तेजी से बढ़ी हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने भी बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक उन बड़े खरीदारों पर सीमा तय कर दी गई है जो महीने में 10 टन से ज्यादा चीनी इस्तेमाल करते हैं। मिठाई विक्रेताओं, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को अब केवल 15 दिनों की खपत का स्टॉक रखने की अनुमति होगी। सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के बिना सीमा शुल्क आयात की मंजूरी दे दी है।
आज का रेट (रु/किलो) एक सप्ताह पहले का रेट (रु/किलो)
पटना 70-75 40-45
मुजफ्फरपुर 70 40-45
जमुई 68 45
मधेपुरा 65 51
बेगूसराय 65 48
जहानाबाद 68 58
पश्चिम चंपारण 68-70 45
पूर्णिया 68 60
भोजपुर 65 55
कारोबारियों और बाजार से जुड़े लोगों के मुताबिक चीनी की कीमत बढ़ने की एक बड़ी वजह एथेनॉल उत्पादन भी है। गन्ने के रस और शीरे के एक हिस्से का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में होने से चीनी के उत्पादन और बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर असर पड़ा है। इसके अलावा आने वाले त्योहारों को देखते हुए मिठाई दुकानदारों और बड़े कारोबारियों ने पहले से चीनी की खरीद शुरू कर दी है।